आदित्यपुर : शारदीय नवरात्र को लेकर औद्योगिक नगरी आदित्यपुर में पूजा पंडालों का निर्माण कार्य जोरों पर है। हरिओम नगर स्थित ‘मां भवानी यूथ क्लब’ दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए कुछ बेहद खास और अनूठा लेकर आ रही है।
क्लब के अध्यक्ष अंबुज कुमार ने बताया कि इस बार पंडाल का निर्माण पूरी तरह से प्राकृतिक व पारंपरिक सामग्रियों—मिट्टी की हांडी, घड़ा, पुआल, बांस और बीट—का इस्तेमाल कर किया जा रहा है।

10 हजार वर्गफीट में साकार हो रही ग्रामीण संस्कृति
अंबुज कुमार के अनुसार, लगभग 10,000 वर्गफीट के विशाल क्षेत्र में यह पंडाल तैयार किया जा रहा है। पंडाल के पूरे बाहरी व आंतरिक स्ट्रक्चर पर हजारों मिट्टी की हांडियां लगाई जा रही हैं, जिनमें विशेष लाइटें जगमगाएंगी। वहीं, भीतरी हिस्से में धान की फसल को संरक्षित रखने के लिए बनने वाले पारंपरिक ‘पूंज’ (टाल) की प्रतिकृति तैयार की जा रही है। इसके साथ ही मिट्टी के घोंसलों और चिड़ियों के बसेरे का जीवंत दृश्य श्रद्धालुओं को ग्रामीण जीवन के करीब ले जाएगा।
देश में पहली बार ऐसा प्रयोग, 14 को खुलेगा पट
अध्यक्ष ने दावा किया कि आमतौर पर मंदिरों या पुरानी हवेलियों की थीम देखने को मिलती है, लेकिन मिट्टी की हांडी और पुआल पर आधारित ऐसा अनूठा डिजाइन पूरे देश में पहली बार देखने को मिलेगा। पंडाल के अनुरूप ही मां दुर्गा की प्रतिमा भी मिट्टी की हांडी थीम पर बनाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि पंडाल का निर्माण कार्य 20 सितंबर से लगातार जारी है। 11 तारीख को कलश स्थापना के साथ पूजा शुरू होगी, जबकि 14 तारीख (चतुर्थी) को विधिवत उद्घाटन के बाद पंडाल श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिया जाएगा।








