चांडिल : ‘जनसेवा ही लक्ष्य’ के संस्थापक व समाजसेवी हरेलाल महतो के 52वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित एचएलएम (HLM) ट्रॉफी सीजन-5 का पहला ही दिन भारी हंगामे और शर्मिंदगी की भेंट चढ़ गया।
धातकीडीह-भादूडीह मैदान में 6 अक्टूबर की शाम फुटबॉल मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ी अचानक भिड़ गए। देखते ही देखते खेल का मैदान रणभूमि में तब्दील हो गया और मैदान पर जमकर लात-घूंसे चले।
हैरानी की बात यह रही कि खिलाड़ियों को शांत कराने के बजाय आयोजन समिति भी पूरी तरह लाचार और अनुशासनहीन नजर आई। इस हिंसक झड़प का पूरा दृश्य टूर्नामेंट का लाइव प्रसारण कर रहे दर्जनों यूट्यूब चैनलों पर सीधे प्रसारित हो गया। इसके बाद मारपीट के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में खेल और आयोजन की जमकर किरकिरी हो रही है।
राजनीतिक पारी से पहले उठे सवाल
एक ओर समाजसेवी हरेलाल महतो देश की सबसे अनुशासित पार्टी भाजपा का दामन थामने की तैयारी में हैं, वहीं उनके इस भव्य आयोजन में खुलेआम हुई अनुशासनहीनता ने आयोजकों की व्यवस्था और गंभीरता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले पर उनका पक्ष जानने के लिए दूरभाष पर संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी।
थाना प्रभारी का बयान
चांडिल थाना प्रभारी संतन कुमार तिवारी ने बताया कि 6 अक्टूबर की शाम मैदान में हुई मारपीट की कोई लिखित शिकायत या सूचना थाने में नहीं दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चांडिल एसडीओ कार्यालय से अनुमति ली गई थी, जिसके तहत पुलिस की पेट्रोलिंग टीम समय-समय पर मैदान का जायजा लेती रही है।
आयोजक हरेलाल महतो का नहीं प्राप्त हुआ पक्ष
मामले को लेकर आयोजन हरेलाल महतो से उनका पक्ष जानने टेलीफोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उनसे से वार्ता नहीं हो सकी, लिहाजा खबर लिखे जाने तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया
लाखों के इनाम, 16 टीमें मैदान में
6 और 7 अक्टूबर को आयोजित इस दो दिवसीय टूर्नामेंट कुल 16 टीमों के बीच हो रही इस प्रतियोगिता में विजेता को ₹3 लाख, उपविजेता को ₹2 लाख तथा तीसरे व चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को ₹1-1 लाख नकद और ट्रॉफी दी जानी है। हालांकि, पहले ही दिन हुए इस बवाल ने टूर्नामेंट की गरिमा पर पानी फेर दिया।







