Adityapur hospital treatment: ट्रिपलेट बच्चों की जिंदगी बचाने में आगे आया मेडिनोवा नर्सिंग होम, परिवार ने जताया आभार,

Adityapur:आदित्यपुर स्थित मेडिनोवा नर्सिंग होम एक बार फिर चर्चाओं में है, जहां आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ट्रिपलेट यानी तीन नवजात बच्चों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया।

ये भी पढ़े:- Adityapur Freedom Fighter Death: स्वतंत्रता सेनानी अखौरी बालेश्वर सिन्हा का निधन, पंचतत्व में विलीन

तीन जन्मे नवजात

जन्म के समय बेहद कम वजन और गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रहे इन बच्चों को डॉक्टरों की टीम ने लगातार 26 दिन की मेहनत और निगरानी के बाद नया जीवन दिया है।जानकारी के अनुसार, गम्हरिया के धीरजगंज निवासी संकरी लोहार ने लगभग एक माह पूर्व एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान तीन प्रीमैच्योर बच्चों को जन्म दिया था। तीनों का वजन क्रमशः 1 किलो 300 ग्राम, 1 किलो 200 ग्राम और 1 किलो 120 ग्राम था। निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण बच्चे के पिता रवींद्र लोहार ने उन्हें मेडिनोवा नर्सिंग होम में भर्ती कराया।

डॉ. अखौरी मिंटू सिन्हा

NABH मान्यता प्राप्त मेडिनोवा की NICU में  5000 से अधिक नवजातों को मिला जीवन

मेडिनोवा नर्सिंग होम में डॉ. अखौरी मिंटू सिन्हा के नेतृत्व में डॉ. राजेश, डॉ. रश्मि वर्मा और डॉ. पूजा की टीम ने ट्रिपलेट शिशुओं का उन्नत NICU में इलाज किया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों में खून की भारी कमी, एनीमिया, सेप्सिस और किडनी में सूजन जैसे गंभीर लक्षण मौजूद थे। इसके अलावा तीनों बच्चे 8 महीने में ही जन्म लेने के कारण बेहद कमजोर थे। ऐसे में उन्हें अत्याधुनिक तकनीक और कंप्यूटराइज्ड मॉनिटरिंग के तहत लगातार इलाज दिया गया। लगभग 26 दिनों के उपचार के बाद तीनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने माता-पिता के साथ घर लौट गए। डॉक्टरों ने इसे चुनौतीपूर्ण केस बताते हुए कहा कि समय पर सही इलाज के कारण बच्चों का जीवन बच पाया।

डॉ. अखौरी मिंटू सिंहा ने बताया कि मेडिनोवा नर्सिंग होम पिछले 5 वर्षों से आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्य कर रहा है, जहां 4 से 5 हजार से अधिक नवजातों को उच्च स्तरीय NICU सुविधा का लाभ मिल चुका है। अस्पताल NABH से मान्यता प्राप्त है और यहां एडवांस नर्सरी एवं NICU की सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

http://नवजात के जन्म के बाद गोल्डन मिनट सबसे महत्वपूर्ण, ESI अस्पताल में  शिशु पुनर्जीवन पर कार्यशाला आयोजित