आदित्यपुर: मंगलवार को जियाड़ा सभागार में जियाड़ा के प्रबंध निदेशक (MD) वरुण रंजन ने विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं को समझना और उनके त्वरित निष्पादन के लिए रोडमैप तैयार करना था। बैठक में मुख्य रूप से जियाड़ा के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन और क्षेत्रीय उपनिदेशक दिनेश रंजन भी उपस्थित रहे।

बुनियादी सुविधाओं पर केंद्रित रही चर्चा
बैठक के दौरान उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल सड़कों, अपर्याप्त स्ट्रीट लाइट और लेवी से संबंधित तकनीकी व प्रशासनिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उद्यमियों का कहना था कि बुनियादी ढांचे के अभाव में उत्पादन और लॉजिस्टिक्स पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
एमडी वरुण रंजन ने सभी बिंदुओं को गंभीरता पूर्वक सुना और स्पष्ट किया कि जियाड़ा इन समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

जमीन आवंटन का मुद्दा रहा हावी
नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तार के लिए जमीन आवंटन की मांग बैठक में सबसे प्रमुख रही। उद्यमियों ने आवंटन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने का आग्रह किया, जिस पर एमडी ने आश्वस्त किया कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए जमीन से संबंधित बाधाओं को दूर किया जाएगा।
ये उद्यमी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से:मानव केडिया (अध्यक्ष, चेंबर ऑफ कॉमर्स),इंद्रर अग्रवाल (अध्यक्ष, एसिया),विनोद शर्मा (जिला अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती),रूपेश कतरियार (अध्यक्ष, इसरो),समीर सिंह, प्रवीण गुटगुटिया, सपन मजूमदार, संतोख सिंह, देवांग गांधी, संदीप मिश्रा, अशोक गुप्ता, विकास गर्ग, राजीव शुक्ला एवं अन्य उद्यमी शामिल थे।







