सरायकेला: आयुष निदेशालय के निर्देशानुसार, सार्वजनिक दुर्गा पूजा मंडप परिसर में एक दिवसीय विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पूजा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ और श्रद्धालुओं को उनके द्वार पर ही पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ पहुँचाना था।

वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में हुई जांच
शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम कुमारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आयुष पद्धतियाँ (आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी) न केवल रोगों का उपचार करती हैं, बल्कि जीवनशैली में सुधार कर बीमारियों को जड़ से मिटाने में भी सहायक हैं।
शिविर में अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएँ दीं, जिनमें मुख्य रूप से डॉ. पूनम कुमारी (जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी) डॉ. सोनाली प्रगति बेंजामिन, डॉ. गौरी माझी, डॉ. अजीत कुमार
मुफ्त परामर्श एवं दवा वितरण
स्वास्थ्य शिविर के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच की गई। चिकित्सकों ने होम्योपैथी और आयुर्वेद पद्धति से मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया। इसके साथ ही, विभाग की ओर से आवश्यक दवाएं भी मुफ्त में उपलब्ध कराई गईं। शिविर में मौसमी बीमारियों, पाचन संबंधी समस्याओं और जोड़ों के दर्द से संबंधित रोगियों की संख्या अधिक रही।
योग के प्रति किया गया जागरूक
चिकित्सा जांच के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग के महत्व पर भी जोर दिया गया। योग शिक्षक राकेश साहू ने उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन में सरल योगाभ्यास और प्राणायाम के लाभ बताए। उन्होंने कुछ विशेष आसनों का प्रदर्शन किया जो तनाव मुक्ति और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं।
इस पहल की सराहना करते हुए पूजा समिति के सदस्यों ने कहा कि मंडप परिसर में इस तरह के स्वास्थ्य शिविर से उन लोगों को काफी लाभ मिला है जो व्यस्तता के कारण अपनी नियमित जांच नहीं करा पा रहे थे।
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