आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के तटीय इलाकों को खरकई नदी की बाढ़ और कटाव से बचाने के लिए सभी नालों पर स्लुईस गेट तथा नदी के किनारे का इंबैकमेंट कराने की माँग को लेकर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेन्द्र नारायण सिंह के नेतृत्व में आदित्यपुर-गम्हरिया विकास समिति के प्रतिनिधि मंडल ने तत्कालीन जल संसाधन मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, राज्य के पूर्व मुख्य मंत्री सह जल संसाधन मंत्री चम्पाई सोरेन एवं समय-समय पर प्रशासक, स्वर्णरेखा परियोजना से मुलाकात कर ज्ञापन सौप चुके हैं.
जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा: स्वर्णरेखा और खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर
ज्ञापन के माध्यम से पुरेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि खरकई नदी का जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ आने की स्थिति में आदित्यपुर नगर निगम के तटीय इलाकों जैसे-आसंगी, बन्तानगर बस्ती का ए, बी व सी जोन, बाबाकुटी, वास्तु विहार, राधास्वामी, कुलुपटाँगा, रायडीह बस्ती, राममड़ैय्या बस्ती, जयप्रकाश नगर, शांति नगर, हरिओम नगर, माँझी टोला, सालडीह बस्ती, बेल्डीह बस्ती आदि स्थानों पर बाढ़ का पानी हजारों घरों में प्रवेश कर जाता है. वर्ष-2008 में आई बाढ़ में तो तटीय इलाकों में काफी क्षति हुई थी. विशेषकर बरसात के दिनों में जब खरकई नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, तो तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों में भय व्याप्त हो जाता है.
उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग के द्वारा भाटिया बस्ती के पास खरकई नदी के किनारे स्लुईस गेट और नदी के किनारे इंबेंकमेंट बनाने का काम हुआ है. वहीं, नगर निगम के द्वारा भी खरकई नदी के किनारे मार्ग संख्या-7 के पास नाले पर स्लुईस गेट और इंबेकमेंट बनाने का काम हुआ है.
उन्होंने झारखंड सरकार के जल संसाधन मंत्री से शेष बचे खरकई नदी के नालों पर स्लुईस गेट और नदी के किनारे इंबेंकमेंट का काम करने का निदेश विभाग को देने का भी अनुरोध किया, ताकि आदित्यपुर ननि क्षेत्र के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को खरकई नदी की बाड़ से निजात दिलाया जा सके.








