सरायकेला। जिला प्रशासन द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘उली बगइचा परब’ ,आम महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी और सरायकेला की डीडीसी रीना हसदा ने शिरकत की और किसानों का हौसला बढ़ाया।
जिला प्रशासन की पहल की सराहना: सांसद जोबा मांझी
कार्यक्रम के दौरान सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी ने जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से किसानों का मनोबल और हिम्मत बढ़ती है। सरकार की योजनाओं के तहत किसानों को मिल रहे लाभ का यह एक सफल परिणाम है। आदित्यपुर में आयोजित इस प्रदर्शनी के माध्यम से आम बागवानी करने वाले किसानों को अपने उत्पाद सीधे बेचने और प्रदर्शित करने का एक शानदार अवसर मिला है। जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए इन स्टॉलों से किसानों को बहुत ताकत मिलेगी और अन्य किसान भी इससे प्रेरित होकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

किसानों को एंड-टू-एंड सपोर्ट और प्राकृतिक स्वाद: डीडीसी रीना हसदा
सरायकेला की डीडीसी रीना हसदा ने बताया कि मनरेगा के तहत ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के जरिए जिले में लंबे समय से आम बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में जिले के लगभग 6,000 किसान इस योजना से जुड़े हैं, जो आम्रपाली, मालदा और मल्लिका जैसी विभिन्न किस्मों के आमों का उत्पादन कर रहे हैं।
डीडीसी ने जोर देकर कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधे ग्राहकों और नए वेंडर्स से जोड़कर एक बेहतर बाजार देना है। उन्होंने बाजार में मिलने वाले आमों से इसकी तुलना करते हुए कहा कि दूर-दराज के गांवों से आए हमारे किसानों के ये आम पूरी तरह से प्राकृतिक खेती से उपजाए गए हैं। इनमें केमिकल, कीटनाशकों और कार्बाइड का न्यूनतम उपयोग हुआ है, जिससे यह सेहत के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ स्वाद और जायके से भी भरपूर हैं। प्रशासन की कोशिश किसानों को इनपुट से लेकर आउटपुट और मार्केट लिंकेज तक हर स्तर पर सहयोग करने की है।








