चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड के धोबा धोबी गांव के निवासी एवं सीमा सुरक्षा बल (BSF) के इंस्पेक्टर महेंद्र तिरिया का शुक्रवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की सूचना मिलते ही गांव, रिश्तेदारों और बीएसएफ के साथियों में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को चाईबासा में सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी गई।
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परिजनों ने बताया कि महेंद्र तिरिया राजस्थान के जैसलमेर जिले के रामगढ़ सेक्टर में बीएसएफ की 26वीं बटालियन में इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत थे। वे वर्ष 1988 बैच के अधिकारी थे और लंबे समय से मधुमेह की बीमारी से जूझ रहे थे।
बताया जाता है कि कुछ दिन पहले ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। चिकित्सकीय जांच में उनका शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ मिला। इसके बाद विभाग ने उन्हें अवकाश देकर घर भेज दिया। 6 जुलाई को वे चाईबासा पहुंचे, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। हालत बिगड़ने पर उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
जवान के निधन की सूचना मिलने के बाद बीएसएफ के अधिकारी और जवान चाईबासा पहुंचे। पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने नम आंखों से अपने वीर साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। बाद में अंतिम संस्कार के लिए उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव ले जाया गया।
इधर, सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
महेंद्र तिरिया अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे का परिवार छोड़ गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार वे बेहद सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और जब भी छुट्टी पर गांव आते थे, युवाओं को सेना एवं अर्धसैनिक बलों में भर्ती होकर देश सेवा करने के लिए प्रेरित करते थे। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
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