चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में सामाजिक सौहार्द, पारंपरिक ग्राम स्वशासन व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से मानकी मुंडा संघ कोल्हान पोड़ाहाट केंद्रीय समिति ने बड़ा निर्णय लिया है। रविवार को चाईबासा के मंगलाहाट रेस्ट हाउस में आयोजित केंद्रीय बैठक में हाल ही में मझगांव प्रखंड में हुई घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कुमारडुंगी और मझगांव प्रखंड के सभी गांवों में ग्राम सभा आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा ने की। उन्होंने कहा कि मझगांव में घटी घटना समाज के लिए चिंता का विषय है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, भाईचारा और आपसी विश्वास बनाए रखने में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था से जुड़े मुंडा-मानकी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कुमारडुंगी एवं मझगांव प्रखंड के सभी मुंडा-मानकी अपने-अपने गांवों में जल्द से जल्द ग्राम सभा आयोजित करेंगे। इन ग्राम सभाओं में वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी तथा शांति, सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। प्रत्येक ग्राम सभा के निर्णय और स्थानीय स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय समिति को सौंपने का भी निर्देश दिया गया है।
गणेश पाट पिंगुवा ने कहा कि ग्राम सभा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का सबसे प्रभावी मंच है। यदि गांव स्तर पर समय रहते संवाद स्थापित हो जाए तो किसी भी प्रकार के सामाजिक तनाव को बढ़ने से रोका जा सकता है।
बैठक में उपस्थित सभी मानकी-मुंडाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में शांति, एकता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया। केंद्रीय समिति ने आम लोगों से अफवाहों से दूर रहने, कानून का सम्मान करने और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। समिति ने यह भी कहा कि ग्राम सभाओं से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में दलपत देवगम, कृष्ण सामड, बागुन सोय, साधुचरण झोंको, दीपू सवैयां, रामेश्वर कुन्टिया, रोबिन पाड़ेया सहित कई मानकी-मुंडा एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।








