चाईबासा। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर एसपीजी मिशन बालिका विद्यालय के लीगल लिटरेसी क्लब में छात्राओं के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) मौहम्मद शाकिर तथा सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया।
शिविर में उप लोक अभियोजक सह एलएडीसी सुरेंद्र प्रसाद दास ने छात्राओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में विवाह के लिए बालिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और बालक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह कराना कानूनन अपराध है।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह का बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने छात्राओं से बाल विवाह जैसी किसी भी घटना की जानकारी संबंधित प्रशासन अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकार को देने की अपील की। इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी जानकारी दी गयी।
निःशुल्क कानूनी सहायता की दी जानकारी
कार्यक्रम में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी छात्राओं को बताया गया। उन्हें जानकारी दी गयी कि पात्र एवं जरूरतमंद लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा शिविर में मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों, लोक अदालत, स्थायी लोक अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी जानकारी दी गयी। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शोभा रेनू एक्का सहित शिक्षकगण मौजूद रहे। शिविर के आयोजन में अधिकार मित्र (PLV) संगीता देवी, रत्ना चक्रवर्ती, स्वाति मुखर्जी, नीतू सार और हेमराज निषाद ने योगदान दिया।








