— रिपोर्ट: चाईबासा ब्यूरो
Chaibasa (चाईबासा) : बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव केवल किताबों से नहीं, बल्कि पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवनशैली से भी तैयार होती है। इसी सोच को मजबूत करने के उद्देश्य से पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने गुरुवार को टाटा कॉलेज चाईबासा के बहुउद्देशीय सभागार में रसोईया एवं संयोजिकाओं के लिए विशाल कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम में करीब 1500 रसोईया एवं संयोजिकाओं ने भाग लिया।

कार्यशाला की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने की। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार और जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार भी मौजूद रहे।

बच्चों की थाली से तय होगा उनका भविष्य
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि शिक्षा और पोषण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि बच्चा स्वस्थ और पोषित होगा तभी वह बेहतर ढंग से शिक्षा ग्रहण कर सकेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं बल्कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का भी महत्वपूर्ण मंच है।
उन्होंने रसोईया एवं संयोजिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे सीधे तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य निर्माण से जुड़ी हुई हैं। इसलिए मध्यान्ह भोजन तैयार करने में गुणवत्ता, पौष्टिकता और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।

भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं
उपायुक्त ने कहा कि मध्यान्ह भोजन सिर्फ बच्चों की भूख मिटाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य, विकास और सीखने की क्षमता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने खाद्य सामग्री के चयन से लेकर भोजन परोसने तक हर चरण में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
हर विद्यालय में बनेगी ‘पोषण वाटिका’
कार्यशाला के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय परिसरों में पोषण वाटिका विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में उपलब्ध जमीन पर हरी सब्जियां, फलदार और औषधीय पौधे लगाए जाएं ताकि बच्चों को स्थानीय स्तर पर ताजा और पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि पोषण वाटिका बच्चों को पौष्टिक भोजन के महत्व से जोड़ने के साथ-साथ जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता का भी पाठ पढ़ाएगी।
रसोईघरों को बनाया जाएगा और अधिक सुरक्षित
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों के रसोईघर स्वच्छ, पर्याप्त रोशनी एवं वेंटिलेशन युक्त हों। साथ ही धुआं और प्रदूषण मुक्त वातावरण में भोजन तैयार करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नियमित निरीक्षण और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी बल दिया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण का निर्देश
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में पौधारोपण अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना समय की जरूरत है।
स्वास्थ्य और जागरूकता अभियानों की भी दी गई जानकारी
कार्यशाला में प्रतिभागियों को मलेरिया जागरूकता माह, “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” अभियान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सरोकारों को लेकर शपथ भी ली।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली 36 रसोईया-संयोजिकाएं सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों में आयोजित तिथि भजन कार्यक्रम के सफल संचालन में उत्कृष्ट योगदान देने वाली लगभग 36 रसोईया एवं संयोजिकाओं को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन, बेहतर पोषण, स्वच्छता और बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के एपीओ, बीआरपी, सीआरपी सहित बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मी भी मौजूद रहे।
— रिपोर्ट: चाईबासा ब्यूरो
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