Chandil (चांडिल) : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत कांड्रा-चांडिल मार्ग के अधूरे निर्माण और जर्जर हालत ने अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। बुधवार को ‘ग्रामीण आंदोलनकारी एकता मंच’ के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। चिलचिलाती धूप की परवाह किए बिना ग्रामीणों ने चैनपुर से चांडिल प्रखंड सह अंचल कार्यालय तक जोरदार पैदल रैली निकाली।

नेताओं और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्रीय विकास के दावों की पोल खोलते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और स्थानीय विधायक सविता महतो के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों के हाथों में “सुरक्षित सड़क हमारा अधिकार” और “अधूरी सड़क नहीं चलेगी” जैसी तख्तियां थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और विभाग की उदासीनता के कारण सड़क का काम लंबे समय से लटका हुआ है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
अंचलाधिकारी को झेलना पड़ा विरोध
विरोध का आलम यह था कि अंचल अधिकारी प्रदीप महतो को भी ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें अपना वाहन छोड़ पैदल ही कार्यालय तक जाना पड़ा। कार्यालय परिसर के बाहर आयोजित सभा में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह सड़क क्षेत्र की लाइफलाइन है, लेकिन इसे अधूरा छोड़कर जनता को मौत के साये में जीने को मजबूर कर दिया गया है।

आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि सड़क निर्माण का कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू नहीं किया गया, तो आगामी दिनों में सड़क जाम कर चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब क्षेत्र की जनता बुनियादी सुविधाओं के नाम पर और इंतजार करने के मूड में नहीं है।







