Chaibasa (चाईबासा) : दुर्घटना में क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल के एवज में ₹1.60 लाख बीमा राशि की मांग को लेकर दायर उपभोक्ता शिकायत को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पश्चिमी सिंहभूम ने खारिज कर दिया है। आयोग ने Cholamandalam M.S. General Insurance Company Limited के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता दुर्घटना के समय वैध एवं प्रभावी ड्राइविंग लाइसेंस होने का प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके अलावा मरम्मत पर खर्च की गई कथित राशि के समर्थन में भी पर्याप्त और विश्वसनीय दस्तावेज आयोग के समक्ष नहीं रखे गए।
मामला चाईबासा निवासी खुदीराम मुर्मू की मोटरसाइकिल संख्या JH-05-DF-3222 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के अनुसार 2 अगस्त 2023 को गालूडीह पुल के समीप एक बोलेरो पिकअप ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी थी। घटना के संबंध में गालूडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की बात भी शिकायत में कही गई थी। दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल का बीमा चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी से था, जिसकी पॉलिसी 5 सितंबर 2022 से 4 सितंबर 2023 तक प्रभावी बताई गई।
₹1.60 लाख के भुगतान से कंपनी ने किया इनकार
दुर्घटना के बाद मोटरसाइकिल की मरम्मत में करीब ₹1.60 लाख खर्च होने का दावा करते हुए शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी से भुगतान की मांग की। कंपनी की ओर से दावा स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
बीमा कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दुर्घटना के वक्त शिकायतकर्ता स्वयं मोटरसाइकिल चला रहा था और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। कंपनी के अनुसार यह बीमा पॉलिसी की अनिवार्य शर्तों का उल्लंघन था। इसी आधार पर कंपनी ने बीमा दावा अस्वीकार किए जाने को उचित बताया।
सुनवाई के दौरान लाइसेंस को लेकर शिकायतकर्ता की स्वीकारोक्ति
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष शिकायतकर्ता द्वारा यह स्वीकार किया गया कि उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। आयोग ने माना कि जब बीमा कंपनी ने वैध लाइसेंस नहीं होने को लेकर स्पष्ट आपत्ति उठाई, तब शिकायतकर्ता पर इसका खंडन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी थी। लेकिन ऐसा कोई वैध ड्राइविंग लाइसेंस अथवा सक्षम प्राधिकारी का रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया।
आयोग ने अपने निष्कर्ष में माना कि केवल बीमा पॉलिसी और दुर्घटना होने की बात से Own Damage Claim स्वतः स्वीकार नहीं किया जा सकता। पॉलिसी की आवश्यक शर्तों का पालन भी साबित करना जरूरी है।
दुर्घटना की तारीख में भी सामने आया विरोधाभास
मामले में दुर्घटना की तारीख को लेकर भी आयोग के सामने असंगति सामने आई। शिकायतकर्ता ने दुर्घटना 2 अगस्त 2023 को होने की बात कही, जबकि बीमा कंपनी ने 22 जुलाई 2023 की तारीख का उल्लेख किया। वहीं शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए गए अस्पताल से संबंधित दस्तावेज में भी 22 जुलाई 2023 की तारीख दर्ज होने की बात सामने आई।
आयोग के समक्ष इस अंतर का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सका। इससे शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए।
मरम्मत खर्च के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले
आयोग ने बीमा दावे की राशि को लेकर भी शिकायतकर्ता के दस्तावेजों की जांच की। ₹1.60 लाख की मरम्मत राशि के समर्थन में पेश किया गया GST बिल स्पष्ट एवं पठनीय नहीं पाया गया। इसके अलावा अंतिम मरम्मत बिल, संतोषजनक सर्वेयर रिपोर्ट या खर्च की पुष्टि करने वाले अन्य विश्वसनीय दस्तावेज भी पर्याप्त रूप से प्रस्तुत नहीं किए गए।
इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता अपने बीमा दावे के अधिकार को आवश्यक प्रमाणों के आधार पर स्थापित नहीं कर सका।
बीमा कंपनी के खिलाफ सेवा में कमी साबित नहीं
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पश्चिमी सिंहभूम ने निष्कर्ष निकाला कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर Cholamandalam M.S. General Insurance Company Limited की ओर से सेवा में कमी साबित नहीं हुई। आयोग ने उपभोक्ता शिकायत संख्या 07/2025 को खारिज कर दिया।
मामले की संस्थापन तिथि 22 फरवरी 2025, अंतिम सुनवाई 29 अगस्त 2026 और फैसले की घोषणा 10 सितंबर 2026 को की गई।






