गुवा: गुवा क्षेत्र में विस्थापित परिवारों की स्थिति एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर कर रही है। विस्थापित परिवार बिजली समस्या आज इन लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। गुवा बाजार स्थित डिपासाईं बस्ती से हटाए गए कई परिवारों को सेल प्रबंधन द्वारा नुईया गांव के पास रेलवे साइडिंग क्षेत्र में नए मकान तो आवंटित कर दिए गए, लेकिन बिजली जैसी आवश्यक सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।

बिजली कनेक्शन के लिए भारी शुल्क बना बाधा
विस्थापितों के अनुसार, जब उन्होंने बिजली कनेक्शन के लिए संबंधित विभाग से संपर्क किया, तो प्रति घर ₹5400 जमा करने की शर्त रखी गई। आर्थिक रूप से कमजोर इन परिवारों के लिए यह राशि काफी अधिक है। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना ही जिनके लिए मुश्किल है, उनके लिए इतना शुल्क जमा करना लगभग असंभव हो गया है। यही कारण है कि अधिकांश परिवार अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल मकान देकर जिम्मेदारी पूरी कर ली गई, जबकि बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई। बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं रात के समय सुरक्षा की भी चिंता बनी रहती है। मोबाइल चार्जिंग, पंखा, रोशनी जैसी सामान्य जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं।
प्रशासन और प्रबंधन से अपेक्षा
विस्थापित परिवारों ने प्रशासन और सेल प्रबंधन से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द मुफ्त या रियायती दर पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि पुनर्वास केवल घर देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।








