गुवा सेल खदान क्षेत्र में गुवा आयरन ओर अनियमितता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda ने जीरो प्वाइंट का दौरा कर आयरन ओर की स्थिति का निरीक्षण किया और टेंडर प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों की आशंका जताई।

जीरो प्वाइंट पर निरीक्षण में सामने आईं अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान Madhu Koda ने पाया कि बड़ी मात्रा में आयरन ओर बिना क्रशिंग के ही जमा है। यह खनिज पहाड़ जैसे ढेर के रूप में पड़ा हुआ था, जिससे प्रथम दृष्टया यह संकेत मिलता है कि क्रशिंग कार्य मानकों के अनुसार नहीं किया गया। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बिना कार्य पूरा किए ही बिल पास करा लिया गया है।
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टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में आयरन ओर क्रशिंग से जुड़े टेंडर में अनियमितता की आशंका जताई गई है। यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और संभावित भ्रष्टाचार का गंभीर मामला बन सकता है। इससे न केवल राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि खनन प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते हैं।

केंद्र सरकार तक उठेगा मामला
Madhu Koda ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को उच्च स्तर तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही केंद्रीय इस्पात मंत्री, इस्पात मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और Narendra Modi को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आता है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने खनन कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग होना चाहिए।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी चर्चा
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। लोगों में उम्मीद है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।








