HIV संक्रमित रक्त चढ़ाने पर हाईकोर्ट सख्त, चाईबासा सदर अस्पताल मामले में एफआईआर का आदेश

झारखंड हाईकोर्ट

Ranchi (रांची): चाईबासा सदर अस्पताल में पाँच थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को कथित रूप से एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित पक्षों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।

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हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की एकल पीठ में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया। अदालत ने कहा कि यदि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है, तो पुलिस तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे।

झारखंड हाईकोर्ट
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कोर्ट का आदेश क्या है?

हाईकोर्ट ने पीड़ित बच्चों के अभिभावकों को निर्देश दिया है कि वे चाईबासा सदर थाना प्रभारी के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही थाना प्रभारी को आदेश दिया गया है कि शिकायत की जांच कर यदि मामला संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है, तो तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि दर्ज एफआईआर की एक प्रति शिकायतकर्ताओं को उपलब्ध कराई जाए और उसकी प्रति काउंटर एफिडेविट के साथ कोर्ट में प्रस्तुत की जाए।

मामले की पृष्ठभूमि

बताया जाता है कि वर्ष 2025 में चाईबासा सदर अस्पताल में पाँच थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को रक्त चढ़ाया गया था। बाद में उनकी जांच में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया।

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ब्लड बैंक पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे लापरवाही का परिणाम बताया और न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

अगली सुनवाई 18 फरवरी को

हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तिथि निर्धारित की है, जिसमें पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

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