चाईबासा में ब्रेन मलेरिया का बढ़ता खतरा, छह दिन में 1143 संक्रमित मिले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम जिले में मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले में चल रहे विशेष सर्वे अभियान के दौरान महज छह दिनों में 1143 लोगों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की है, जिनमें बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं हैं। जिले में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है।

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से ‘मिशन उदय 2.0’ के तहत छह जुलाई से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान अब तक करीब 30 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 1143 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें एक दिन में सर्वाधिक 444 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है।

अधिकारियों के अनुसार संक्रमित मरीजों में लगभग 650 ऐसे लोग हैं, जिन्हें बुखार या अन्य सामान्य लक्षण नहीं हैं। ऐसे मरीज सामान्य जीवन जी रहे हैं, लेकिन उनके माध्यम से संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यही वजह है कि जिले में मलेरिया पर नियंत्रण चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संक्रमितों में बड़ी संख्या बच्चों की भी है। बच्चों में संक्रमण बढ़ने से चिकित्सकों ने अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

पश्चिमी सिंहभूम पहले से ही मलेरिया प्रभावित जिलों में शामिल है। जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का क्षेत्र मलेरिया के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। इन्हीं इलाकों में विशेष रूप से घर-घर जाकर जांच, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सिविल सर्जन सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अभियान की समीक्षा कर रहे हैं।

लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रक्त जांच कराएं। विशेष रूप से पीएफ (प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम) मलेरिया, जिसे सामान्य भाषा में ब्रेन मलेरिया भी कहा जाता है, समय पर इलाज नहीं मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है।

बचाव ही सबसे बड़ा उपाय

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने, घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने तथा चिकित्सक की सलाह के बिना दवा नहीं लेने की सलाह दी है। साथ ही मलेरिया की पुष्टि होने पर दवा का पूरा कोर्स पूरा करने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मिशन उदय 2.0 के माध्यम से जिले में संक्रमण की समय रहते पहचान कर इलाज सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अभियान में सहयोग करें और किसी भी तरह के लक्षण नजर आने पर जांच कराने में देर न करें।

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