गुवा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा स्थित Steel Authority of India Limited सेल खदान में 500 स्थानीय बेरोजगारों की बहाली की मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू कर दिया गया। 12 गांव के मुंडा-मानकी संघ ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda के नेतृत्व में आंदोलन छेड़ते हुए खदान क्षेत्र में उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप कर दिया है।
त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा, 11 मई से गुवा सेल खदान में चक्का जाम का ऐलान
आंदोलनकारियों ने गुवा सेल के साइज स्क्रीन एवं पहाड़ के ऊपर स्थित क्रॉसिंग प्लांट को बंद करा दिया, जिससे लौह अयस्क उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
इसके साथ ही सेल रेलवे बंकर स्थित डिस्पैच कार्य भी बाधित हो गया है। आंदोलन का असर सुबह की पहली पाली पर भी देखने को मिला, जब खदान क्षेत्र जाने वाली बसों को रोक दिया गया। इससे बड़ी संख्या में सेल कर्मी कार्यस्थल तक नहीं पहुंच सके।
चक्का जाम और बंदी को देखते हुए गुवा प्रशासन तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों को आंदोलन स्थल पर तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
आंदोलन में सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चाम्पिया, मुंडा सोंगा सुरीन समेत विभिन्न गांवों के मुंडा-मानकी और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। आंदोलनकारियों का कहना है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग लंबे समय से लंबित है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक 500 स्थानीय बेरोजगारों की बहाली नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उपशीर्षक
- 12 गांव के मुंडा-मानकी संघ ने शुरू किया आंदोलन
- साइज स्क्रीन और क्रॉसिंग प्लांट कराया बंद
- सेल कर्मियों की बसें रोकी गईं, पहली पाली प्रभावित
- प्रशासन और सीआईएसएफ बल तैनात
- गुवा सेल बहाली अनियमितता: स्थानीय युवाओं की नियुक्ति में पारदर्शिता पर उठे सवाल








