रांची। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। झारखंड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने सरायकेला-खरसावां जिले में विशेष अभियान चलाकर कुल 22 लाख रुपये के तीन इनामी हार्डकोर माओवादियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो उर्फ शंकर, 5 लाख रुपये का इनामी रवि सरदार और 2 लाख रुपये की इनामी महिला माओवादी मीना शामिल हैं। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
ऑपरेशन नवजीवन-II: कोल्हान-सारंडा के 16 नक्सलियों ने हथियारों संग किया सरेंडर
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के सक्रिय सदस्य सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना के सत्यापन के बाद झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से विशेष अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने तीनों माओवादियों को चारों ओर से घेरकर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से तीन AK-47 राइफल समेत बड़ी मात्रा में हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।
एक करोड़ के इनामी असीम मंडल के दस्ते से जुड़े थे तीनों
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार तीनों माओवादी एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे इलाकों में माओवादी गतिविधियों को संचालित करता रहा है। तीनों की गिरफ्तारी को संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
वर्षों से सक्रिय था 15 लाख का इनामी मदन महतो
गिरफ्तार मदन महतो उर्फ शंकर पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबनी थाना क्षेत्र के कर्मासोल (चारण) गांव का निवासी है। वह लंबे समय से प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) का सक्रिय सदस्य रहा है और झारखंड पुलिस ने उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मदन महतो जंगलमहल, बेलपहाड़ी, दलमा और कोल्हान क्षेत्र में हथियारबंद दस्तों का संचालन करता था। वह सुरक्षा बलों पर हमलों की योजना बनाने, नए कैडरों की भर्ती कराने और संगठन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
संगठन की सक्रिय सदस्य थी मीना
गिरफ्तार महिला माओवादी मीना, मदन महतो की पत्नी है। उस पर झारखंड पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के अनुसार, मीना संगठन के लिए संदेश पहुंचाने, रसद (लॉजिस्टिक्स) की व्यवस्था करने और माओवादी दस्तों को सहयोग देने का काम करती थी। वह भी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थी।
रीजनल कमेटी कमांडर है रवि सरदार
गिरफ्तार रवि सरदार प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) का रीजनल कमेटी सदस्य और कमांडर बताया जाता है। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह दलमा, सारंडा, कोल्हान तथा झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा के जंगलों में सक्रिय रहा है।
पुलिस के मुताबिक, रवि सरदार सुरक्षा बलों पर हमलों की साजिश रचने, आईईडी लगाने, नए कैडरों की भर्ती करने और संगठन की गतिविधियों का विस्तार करने में शामिल रहा है। वह शीर्ष माओवादी नेताओं के करीबी सहयोगियों में भी गिना जाता था।
पूछताछ में मिल सकती हैं कई अहम जानकारियां
गिरफ्तार तीनों माओवादियों से सुरक्षा एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान माओवादी संगठन के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों, सक्रिय कैडरों और भविष्य की योजनाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। बरामद हथियारों और अन्य सामग्री की भी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
नक्सल अभियान को मिली बड़ी सफलता
हाल के महीनों में झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान तेज किया है। कई बड़े माओवादी या तो गिरफ्तार हुए हैं, मारे गए हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। ऐसे में 22 लाख रुपये के तीन इनामी माओवादियों की गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से कोल्हान और सीमावर्ती क्षेत्रों में माओवादी संगठन की गतिविधियों पर और प्रभावी अंकुश लगेगा।
URL
https://yourwebsite.com/jharkhand-naxal-news-22-lakh-rewarded-three-maoists-arrested-ak47-recovered








