Jharkhand PDS Dealer: अबुआ बजट में पीडीएस दुकानदारों के लिए 15 लाख का बीमा और पेंशन की मांग, फूलकांत झा ने सरकार को भेजा ज्ञापन

गम्हरिया: झारखंड फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने राज्य के हजारों पीडीएस (PDS) दुकानदारों की लंबित समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की है। एसोसिएशन के प्रदेश सचिव और सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष फुलकांत झा ने मुख्यमंत्री को 11 सूत्री ज्ञापन भेजकर आगामी ‘अबुआ बजट’ में दुकानदारों के हक को शामिल करने का आग्रह किया है।

ये भी पढ़े:-

Gamharia- Kharsawan MLA weighed with laddu: लड्डू से तौले गए खरसावां विधायक,जनता के जनादेश का हमेशा करता रहूंगा सम्मान: दशरथ गागराई
इस मांग पत्र की प्रतियां वित्त मंत्री और खाद्य आपूर्ति मंत्री को भी प्रेषित की गई हैं।
​फुलकांत झा ने जोर देकर कहा कि जन वितरण प्रणाली के दुकानदार सरकारी योजनाओं की रीढ़ हैं, लेकिन वे स्वयं आर्थिक बदहाली से जूझ रहे हैं। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत बकाया कमीशन का दुर्गा पूजा से पहले भुगतान और ग्रीन कार्ड धारकों के कमीशन की शीघ्र निकासी शामिल है। इसके अलावा, दुकानदारों ने 15 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा की मांग की है, क्योंकि अधिकांश डीलर आयुष्मान योजना के दायरे से बाहर हैं।

​ज्ञापन में दुकानदारों के आकस्मिक निधन पर परिजनों को 3 लाख रुपये की सहायता, ई-पॉस मशीन और बिजली खर्च के लिए 3000 रुपये प्रति माह का भत्ता, और सेवानिवृत्त दुकानदारों के लिए 10,000 रुपये मासिक पेंशन की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक पंचायत में आपदा राहत के लिए चावल की व्यवस्था और उपभोक्ताओं को प्रति माह 2 किलो चीनी देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। डीलर्स का मानना है कि यदि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो राज्य की वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ होगी।

http://Gamharia News:बंद घर में मृत मिले राशन दुकानदार , गम्हरिया पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव ​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

Saraikela MNREGA Strike : मानदेय और सुरक्षा की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, ठप होंगे विकास कार्य, तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के बाद सरकार की बेरुखी से नाराज कर्मचारियों ने लिया फैसला