चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘मेरा विद्यालय निपुण, मैं भी निपुण’ दो दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान जिले के विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि जिले के सभी विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक कक्षा से रैंडम तरीके से पांच विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों के साथ-साथ संबंधित विद्यालय का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
CTO मोबाइल ऐप से होगा ऑनलाइन मूल्यांकन
आकलन की पूरी प्रक्रिया CTO मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान आकलनकर्ताओं को मोबाइल ऐप के संचालन और मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही मूल्यांकन के लिए आवश्यक टूल्स भी उपलब्ध कराए गए।
विद्यालयों को मूल्यांकन में प्राप्त अंकों के आधार पर रैंकिंग अथवा प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। प्रशिक्षण में आकलनकर्ताओं को विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, विद्यालय की स्थिति और निर्धारित मानकों के अनुसार मूल्यांकन करने की प्रक्रिया समझाई गई।
छह चरणों में होगा मूल्यांकन
‘मेरा विद्यालय निपुण, मैं भी निपुण’ कार्यक्रम के तहत मूल्यांकन का कार्य छह चरणों में निर्धारित किया गया है।
– पहला चरण: 24 अगस्त से 31 अगस्त 2026
– दूसरा चरण: 7 सितंबर से 12 सितंबर 2026
– तीसरा चरण: 28 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026
– चौथा चरण: 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026
– पांचवां चरण: 25 नवंबर से 1 दिसंबर 2026
– छठा चरण: 14 दिसंबर से 19 दिसंबर 2026
पहले चरण के प्रशिक्षण में बंदगांव, चक्रधरपुर, हाटगम्हरिया, जगन्नाथपुर, झींकपानी, कुमारडुंगी, मझगांव और तांतनगर प्रखंड के आकलनकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। शेष प्रखंडों के आकलनकर्ताओं को दूसरे चरण में प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरे चरण का प्रशिक्षण 19 और 20 अगस्त 2026 को आयोजित किया जा रहा है।
इन प्रशिक्षकों ने दी प्रशिक्षण की जानकारी
प्रशिक्षण में सहायक शिक्षक प्रेमजीत सिंह (प्राथमिक विद्यालय पुत्करसाई, कुमारडुंगी), नेलसन नगेसिया (प्राथमिक विद्यालय टांगराई, सदर), विनीता कुमारी गोप (उत्क्रमित मध्य विद्यालय दलकी, झींकपानी), एलिस कुजूर (प्राथमिक विद्यालय गोपीपुर, मनोहरपुर) तथा जिला FLN सुपरवाइजर नुकुल कुमार सिंह ने प्रशिक्षक के रूप में आकलनकर्ताओं को आवश्यक जानकारी दी।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आकलनकर्ताओं को मूल्यांकन प्रक्रिया, आवश्यक उपकरण और मोबाइल ऐप के तकनीकी इस्तेमाल में दक्ष बनाना है, ताकि जिले के विद्यालयों और विद्यार्थियों का निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थित एवं निष्पक्ष आकलन किया जा सके।








