गुवा संवाददाता। रामलला प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ बड़ाजामदा में धार्मिक आस्था, सामाजिक सेवा और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला। अयोध्या में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के पावन अवसर पर बड़ाजामदा बस स्टैंड के समीप समाजसेवियों की ओर से भव्य भोग वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरी सब्जी एवं बूंदिया का प्रसाद सैकड़ों श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के बीच वितरित किया गया।
इस धार्मिक आयोजन को दीपावली की तरह उत्सव स्वरूप में मनाया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण बन गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ आयोजन स्थल पर उमड़ पड़ी और “जय श्री राम” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

भोग वितरण के माध्यम से समाज सेवा
समाजसेवी शंभू हाजरा ने बताया कि रामलला प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ बड़ाजामदा के उपलक्ष्य में यह आयोजन इसलिए किया गया ताकि श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण कर सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता का संदेश दिया जा सके। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक आस्था नहीं, बल्कि मर्यादा, सेवा और सत्य के प्रतीक हैं।
भोग वितरण कार्यक्रम में हर वर्ग के लोगों ने सहभागिता निभाई, जिससे यह आयोजन सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बन गया।

हनुमान मंदिर में 1008 दीपों का भव्य प्रज्ज्वलन
संध्या समय बड़ाजामदा स्थित श्री हनुमान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ 1008 मिट्टी के दीप जलाए गए। दीप प्रज्ज्वलन के दौरान मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।
दीप प्रज्ज्वलन का आध्यात्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीप जलाना अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। रामलला प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ बड़ाजामदा में 1008 दीपों का प्रज्ज्वलन क्षेत्रवासियों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश लेकर आया।

कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस आयोजन में शंभू हाजरा, संतोष प्रसाद, हंसराज अग्रवाल, उर्वी अग्रवाल, राजेश ठाकुर, प्रकाश गुप्ता, जितेन गुप्ता, रामलाल गुप्ता, मिंटू अग्रवाल, राजा तिर्की, गोवर्धन चौरसिया, सुनील प्रसाद चौरसिया, मकसूद खान, पंकज पांडे, रामप्रवेश ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे धार्मिक और सामाजिक चेतना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
क्षेत्र में बना राममय वातावरण
पूरे बड़ाजामदा क्षेत्र में दिनभर भक्ति गीत, दीपों की रोशनी और श्रद्धालुओं की आस्था देखने को मिली। रामलला प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ बड़ाजामदा न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने वाला आयोजन भी सिद्ध हुआ।
http://नए साल पर मजदूरों की एकजुटता, झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने गुवा सेल प्रबंधन को दी चेतावनी








