पश्चिमी सिंहभूम में मनरेगा कर्मियों की हड़ताल 63वें दिन भी जारी, विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित

चाईबासा में मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में विभिन्न मांगों को लेकर मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को 63वें दिन भी जारी रही। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश कमेटी के आह्वान पर जिला इकाई द्वारा पुराना उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित सदर अनुमंडल कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया गया।

धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कार्यकारी अध्यक्ष सह प्रदेश मंत्री दिगंबर कुमार ने की। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे मनरेगा कर्मी धरने पर बैठे और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

चाईबासा में मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

Saraikela MNREGA Strike : मानदेय और सुरक्षा की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, ठप होंगे विकास कार्य, तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के बाद सरकार की बेरुखी से नाराज कर्मचारियों ने लिया फैसला

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया मांग पत्र

धरना स्थल पर सिद्धार्थ होनहागा को मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा गया। सिद्धार्थ होनहागा ने मनरेगा कर्मियों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने में सहयोग देने का भी आश्वासन दिया।

मनरेगा कर्मियों ने बताया कि वे समान वेतन, ग्रेड पे और स्थायीकरण की मांग को लेकर 12 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण राज्यभर में मनरेगा योजनाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

पीएम आवास, कुआं निर्माण और बागवानी योजनाएं प्रभावित

हड़ताल के चलते कुआं निर्माण, पीएम आवास, अबुआ आवास, टीसीबी एवं बागवानी जैसी योजनाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य ठप होने से मजदूरों के सामने रोजगार का संकट गहरा गया है और पलायन का खतरा बढ़ने लगा है।

कर्मियों का कहना है कि योजनाओं की निगरानी नहीं होने के कारण पौधे सूख रहे हैं तथा अधूरे कुएं धंसने के कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं, जबकि प्रखंड स्तर पर अधिकांश कार्य मनरेगा कर्मियों के जिम्मे ही रहते हैं।

आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी

मनरेगा कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन के सभी लोकतांत्रिक तरीकों को अपनाया जाएगा।

धरना कार्यक्रम में शंभू गोप, पुरुषोत्तम गोप, चंद्र मोहन महतो, माझी जोंकों, सविता मंकी, चक्की, आकाश सोए और राजेंद्र बोदरा सहित कई मनरेगा कर्मी उपस्थित थे।

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