हो समाज सेवानिवृत्त संगठन का वार्षिक अधिवेशन 20 सितंबर को गुईरा में, नियमावली में कल्याण राशि जोड़ने पर बनी सहमति

चाईबासा, हो समाज

Chaibasa (चाईबासा) : आदिवासी हो समाज सेवानिवृत्त संगठन, चाईबासा का वार्षिक अधिवेशन आगामी 20 सितंबर को टीआरटीसी गुईरा में आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन की तिथि और आयोजन स्थल का निर्णय मंगलवार को हरिगुटु स्थित आदिवासी हो समाज कला एवं सांस्कृतिक भवन में हुई संगठन की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष रामाय पुरती ने की।

बैठक में संगठन के सामाजिक, शैक्षणिक और सांगठनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान पिछले वित्तीय वर्ष के लेखा-जोखा और ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा की गई। सदस्यों ने संगठन के आर्थिक मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने और लेखा प्रबंधन को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया।

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मिड-डे मील की गुणवत्ता पर जताई चिंता

बैठक में सरकारी विद्यालयों में संचालित मिड-डे मील की गुणवत्ता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि स्कूली बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना जरूरी है। इसके लिए भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।

सदस्य कल्याण के लिए नियमावली में होगा संशोधन

वार्षिक अधिवेशन के प्रस्तावित एजेंडे पर चर्चा के दौरान सदस्यों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार किया गया। संगठन की नियमावली में एकमुश्त कल्याण राशि और मिसलेनियस फंड का प्रावधान शामिल करने पर सहमति बनी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने और नियमावली में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में संगठन की आगामी योजनाओं और गतिविधियों के साथ-साथ सदस्यों के कल्याण पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने संगठन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समाजोपयोगी बनाने के लिए आपसी सहयोग एवं समन्वय के साथ काम करने का संकल्प लिया।

 

बैठक में सचिव चंद्रमोहन बिरुवा, उपाध्यक्ष रामसिंह होनहागा, सहसचिव जयसिंह कुंटिया, कोषाध्यक्ष कंडेराम बिरुली, सलाहकार कृष्णचंद्र बिरुली, राम बलि सिंकू, प्रताप सिंह बिरुली, लखींद्र पिंगुवा, सुधीर सवैंया, अनन्त कुमार सिकू, सुभाष सिंकू, केरसे देवगम, गौरी शंकर पाड़ेया, हरीश बानरा, नरेश केराई, सागर बिरुआ, सुरेश चंद्र देवगम, विश्वजीत दोराईबुरु, सत्यनारायण बिरुवा, मंगल सिंह कुन्टिया, बागुन बोदरा, केरा बिरुआ, नारायण पुरती, गुरूचरण बिरुवा, राम सिंह सोय समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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