Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा में 27 अगस्त को आदिवासी महिला और एक नाबालिग आदिवासी बच्ची के साथ कथित घटना को लेकर आदिवासी हो समाज युवा महासभा एवं आदिवासी हो समाज महिला महासभा ने गंभीर चिंता जताई है। दोनों संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है।
महासभा की ओर से कहा गया कि मामले की जांच पारदर्शी तरीके से कराई जानी चाहिए। यदि जांच में नाबालिग के साथ यौन अपराध की पुष्टि होती है, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट, एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम समेत अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित नाबालिग और उसके परिवार की पहचान तथा गरिमा की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की गई।
लॉज की भी हो विस्तृत जांच
महासभा ने उस लॉज की भी जांच कराने की मांग की है, जहां कथित घटना होने की बात सामने आई है। संगठन के अनुसार, जांच के दौरान यदि लॉज में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या अपराध में संलिप्तता सामने आती है तो संचालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर लॉज को सील करने की कार्रवाई भी की जाए।
संगठन ने कहा कि आदिवासी समाज की महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा गंभीर विषय है। प्रशासन को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे महिलाएं और नाबालिग बिना भय के कहीं आ-जा सकें और किसी घटना की स्थिति में उन्हें तत्काल कानूनी सहायता एवं सुरक्षा मिल सके।
पांच दिनों में कार्रवाई की मांग
आदिवासी हो समाज युवा महासभा के जिला अध्यक्ष शेरसिंह बिरुवा ने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को शिकायत दर्ज कराने में डर, दबाव या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार को भय या दबाव महसूस हो रहा है, तो प्रशासन को स्वयं पहल कर उसे सुरक्षा और कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराना चाहिए।
महासभा ने प्रशासन को पांच दिनों के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच पूरी कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर युवा महासभा और महिला महासभा लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने पर विचार करेगी।
महासभा ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक तथ्यों को सामने लाना, पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून के अनुरूप न्याय दिलाना है।
बैठक में केंद्रीय कोषाध्यक्ष सुरेंद्र पूर्ति, महिला महासभा अध्यक्ष अंजू समाड, जिला उपाध्यक्ष हरीश कुंकल, जिला सचिव ऑयबन हेंब्रम, जिला कोषाध्यक्ष सत्यव्रत बिरुवा, जिला सदस्य सिकंदर तिरिया, थॉमस बिरुवा, जोगेश्वर पाट पिंगुवा, बिस्वजीत बिरुवा, विनीता बोबोंगा और सिनी पूर्ति समेत अन्य उपस्थित थे।








