Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम जिले में साइबर ठगी से जुड़े वर्ष 2023 के एक मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए अलग-अलग धाराओं में कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला सदर थाना कांड संख्या 51/2023 से संबंधित है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 मई 2023 को सदर थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 34 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में अनिकेत कुमार मिश्रा, पिता बासुकीनाथ मिश्रा, निवासी तेलोडीह, थाना राजधनवार, जिला गिरिडीह और छोटू मंडल, पिता सुंदर मंडल, निवासी मरगोड़ीह, थाना गांडेय, जिला गिरिडीह को आरोपी बनाया गया था।
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पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर साइबर ठगी के माध्यम से अवैध रूप से रुपये निकालने का आरोप था। तत्कालीन पुलिस पदाधिकारी पुनु कुमार यादव के लिखित आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। पुलिस ने मामले से संबंधित साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से एकत्र करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामला जीआर संख्या 386/2023 के रूप में न्यायालय में चला।
चार धाराओं में सुनाई गई सजा
31 अगस्त 2026 को पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई।
धारा 419 भादवि: 2 वर्ष का कारावास और ₹2,000 जुर्माना
धारा 420 भादवि: 4 वर्ष का कारावास और ₹4,000 जुर्माना
धारा 66(सी) आईटी एक्ट: 2 वर्ष का कारावास और ₹65,000 जुर्माना
धारा 66(डी) आईटी एक्ट: 2 वर्ष का कारावास और ₹65,000 जुर्माना
अदालत के इस फैसले से साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस की वैज्ञानिक जांच और न्यायिक कार्रवाई के महत्व को भी रेखांकित किया गया है।








