
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री बादल ने कहा कि झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जिनका हमेशा मछुआरों एवं मछली पालन से जुड़़े लोगों के प्रति आत्मीय लगाव रहा है. उनके दिशा निर्देश पर राज्य में परंपरागत मछली पालन के कार्यों को व्यवसाय का रूप देने का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य अंतर्गत मौसमी तालाबों के अलावा बड़े जलाशयों एवं बंद व पानी से भरे खदान तालाबों में मछली पालन की सोच को पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत मूर्त रूप देते हुए विस्थापितों, स्थानीय इलाकों के मछुआरों और इच्छुक परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है. जो भविष्य में बहुमूल्य परिवर्तन लाएगा. मंत्री ने बताया कि झारखंड राज्य अलग होने के समय राज्य में 74 हजार मैट्रिक टन मछली का उत्पादन किया जाता था. जो आज सभी के सार्थक प्रयास से बढ़कर 2 लाख 38 हजार मैट्रिक टन हो गया है.Whatsapp Us