गम्हरिया: राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर बाल विकास परियोजना कार्यालय, आदित्यपुर के तत्वावधान में गम्हरिया प्रखंड स्तर पर भव्य व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी स्तर पर उपलब्ध पोषाहार से संतुलित आहार तैयार करने और धात्री माताओं, गर्भवती महिलाओं व बच्चों को कुपोषण से बचाने के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था।
सीडीपीओ दुर्गेश नंदिनी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता में परियोजना क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सेविकाओं ने स्थानीय स्तर पर मिलने वाले अनाज, हरी सब्जियों और केंद्रों में वितरित होने वाले पोषाहार से कई तरह के पौष्टिक व पारंपरिक व्यंजन तैयार कर उनकी आकर्षक प्रदर्शनी लगाई। इस दौरान महिला पर्यवेक्षिका माया महतो सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

बालीगुमा केंद्र रहा अव्वल:
प्रतियोगिता में पोषण मानक, स्वाद और प्रस्तुति के आधार पर बालीगुमा आंगनबाड़ी केंद्र को प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। इसके साथ ही द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली सेविकाओं को भी मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार ने दिया पुरस्कार
बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित गम्हरिया अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार ने विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए कहा, “पोषण माह के तहत इस आयोजन का मूल उद्देश्य यह बताना है कि धात्री माताओं और बच्चों के लिए संतुलित आहार कितना अनिवार्य है। सेविकाओं ने उत्कृष्ट प्रयास किया है। सभी सेविकाओं से अपील है कि वे अपने-अपने पोषक क्षेत्र में जाकर माताओं को सही पोषण अपनाने के लिए प्रेरित करें ताकि भावी पीढ़ी स्वस्थ बन सके।”
सीडीपीओ दुर्गेश नंदिनी ने कहा, “आंगनबाड़ी केंद्रों में जो पोषाहार उपलब्ध होता है, उसी का सदुपयोग कर सेविकाओं ने यह प्रदर्शनी तैयार की है। हमारा प्रयास है कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को गर्भावस्था व शिशु देखभाल के दौरान संतुलित खानपान के महत्व की सही जानकारी मिले। पूरे माह विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से पोषण का संदेश घर-घर पहुंचाया जा रहा है।”








