चाईबासा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पश्चिमी सिंहभूम की ओर से सोमवार, 24 अगस्त 2026 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका आवासीय विद्यालय, चाईबासा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देश पर किया गया।
शिविर का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर तथा डालसा सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में हुआ। इस दौरान पीएलवी हेमराज निषाद और पीएलवी रत्ना चक्रवर्ती ने छात्राओं को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और उनके अधिकारों की जानकारी दी।
अधिकार मित्रों ने छात्राओं को मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने समझाया कि बैंक कभी भी फोन कर ओटीपी नहीं मांगता। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
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शिविर में डायन प्रथा को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया गया। छात्राओं को बताया गया कि डायन प्रथा एक अंधविश्वास है और किसी महिला को डायन कहना कानूनन अपराध है। बीमारी की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय चिकित्सकीय उपचार कराने की सलाह दी गई।
इसके अलावा बाल विवाह, बाल श्रम, विधिक सेवा प्राधिकार के गठन एवं उसके उद्देश्यों तथा जरूरतमंद लोगों को मिलने वाली कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। छात्राओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी बताए गए। इनमें पुलिस हेल्पलाइन 100 और 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, एंबुलेंस 108, अग्निशमन सेवा 101, नालसा हेल्पलाइन 15100 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य बबीता महतो के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। शिविर का उद्देश्य छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें साइबर अपराध, बाल विवाह, बाल श्रम और सामाजिक कुरीतियों से बचाव के प्रति सजग करना था।








