ADITYAPUR ASHIANA DISPUTE: आशियाना हाउसिंग में लाखों खर्च कर फ्लैट बुक करने के बाद भी दर-दर भटक रहे हैं आवंटी,  बिल्डर पर घटिया निर्माण का आरोप

आदित्यपुर: आशियाना हाउसिंग लिमिटेड द्वारा आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित आशियाना आदित्य हाउसिंग प्रोजेक्ट में बिल्डर पर अनदेखी और घटिया निर्माण का आरोप आवंटियो ने लगाया है। मामले को लेकर फ्लैट बुकिंग कराने वाले आवंटी राजेश द्विवेदी ने आदित्यपुर नगर निगम, गम्हरिया अंचल कार्यालय समेत रेरा में शिकायत दर्ज की है।
औद्योगिक क्षेत्र में बन रहे आशियाना हाउसिंग लिमिटेड के प्रोजेक्ट आशियाना आदित्य के 450 फ्लैट निर्माण में शुरू से आवंटी बिल्डर पर मनमानी और घटिया निर्माण आरोप लगा रहे हैं। पूर्व में भी आवंटीयो ने बुकिंग किए गए फ्लैट को बिल्डर द्वारा एंट्री पर भी रोक लगाए जाने को लेकर विरोध जताया था। बावजूद इसके लाखों रुपए खर्च कर फ्लैट बुकिंग करने वाले लोगो कि सुनवाई नहीं हो रही है. आवंटी राजेश द्विवेदी ने बताया कि प्रीमियम प्रोजेक्ट के तहत 2019 में इन्होंने ऊंची कीमत पर फ्लैट की बुकिंग की थी। बिल्डर के मनमानी और घटिया निर्माण पर आपत्ति दर्ज करने के बावजूद आशियाना हाउसिंग लिमिटेड द्वारा आवंटियों की एक नहीं सुनी जा रही है.
नेशनल बिल्डिंग कोड ऑफ़ इंडिया के मानकों का भी उल्लंघन
यहां बनाए गए फ्लैट के घरों के मुख्य दरवाजे के सामने कचरा फेंकने के लिए गार्बेज डेट बनाया गया है। जिस की जानकारी बुकिंग के दौरान लोगो को नहीं दी गई थी। घर के प्रवेश द्वार पर गार्बेज डक्ट होने के चलते लोगों को दुर्गंध और तकलीफों का सामना करना पड़ेगा राजेश द्विवेदी ने बताया है कि नेशनल बिल्डिंग कोर्ट ऑफ इंडिया के मानकों के तहत कचरा अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ऊंची इमारतों में जल निकासी के साथ गार्बेज डक्ट को बनाया जाता है। मानक के तहत फ्लैट प्रवेश द्वार के 6 मीटर की दूरी के अंदर गार्बेज डक्ट नहीं बनाया जा सकता है। जबकि बिल्डर द्वारा मानक का उल्लंघन किया गया है ।इसके अलावा बिल्डर द्वारा झारखंड भवन निर्माण उपविधि एवं झारखंड नगरपलिका अधिनियम 2011 के प्रावधानों की भी अनदेखी की गई है।
प्रबंधन से नहीं हो सका संपर्क
फ्लैट के आवंटी राजेश द्विवेदी द्वारा किए गए शिकायत के आलोक में जब आशियाना हाउसिंग लिमिटेड से विसंगतियों से जुड़े मुद्दों पर संपर्क स्थापित किया गया तो अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया। जिसके चलते उनका पक्ष नहीं लिया जा सका है।

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