चाईबासा: पेयजल के अधीक्षण अभियंता को ग्रामीणों ने चार घंटे तक बनाया बंधक, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू कराने गये थे पदाधिकारी

  • चाईबासा के मुफस्सिल व कोकचो थाने की पुलिस ने कार्यस्थल पर पहुंचकर मामला सुलझाया
  • 11 हजार रुपये नकद देकर एसी को ग्रामीणों से मुक्त कराकर लाया गया चाईबासा 

Chaibasa :- चाईबासा पेयजल एवं स्वच्छता अंचल के अधीक्षण अभियंता प्रभात कुमार सिंह को गुरुवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ग्रामीणों ने करीब चार घंटे तक बंधक बनाये रखा। अधीक्षण अभियंता आयता ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के तहत बादुड़ी में चयनित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू कराने कार्यस्थल गये हुए थे। सरकारी पदाधिकारी को बंधक बनाये जाने व हो-हंगामे की सूचना पर मुफ्फसिल थाना प्रभारी पवन चंद्र पाठक व कोकचो थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को काफी समझाने व 11 हजार रुपये नकद देने के बाद ही अधीक्षण अभियंता को मुक्त किया गया।

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इसके बाद पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर चाईबासा आयी। इस बीच करीब चार घंटे तक कार्यस्थल पर माहौल गरम रहा। 94 करोड़ रुपये की लागत वाली आयता ग्रामीण जलापूर्ति योजना का काम चेन्नई की श्रीराम ईपीसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को सरकार ने आवंटित किया है। 2019 की इस योजना को 2022 तक पूरा कर देना था मगर जमीन उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण योजना लंबित रह गयी।

चाईबासा: कार्य बंद करवाने को जुटे गांव के ग्रामीण
चाईबासा: कार्य बंद करवाने को जुटे गांव के ग्रामीण

पेयजल विभाग की ओर से एजेंसी को कुजू नदी पुल के नीचे डूब क्षेत्र में 11.13 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बैठाने के लिए जगह दी गयी थी। प्लांट में बाढ़ का पानी घुस जाने के बाद विभाग ने पुराने स्थल को बदलकर दूसरी जगह जमीन दिलायी थी. मगर अंचलाधिकारी से एनओसी नहीं मिलने की वजह से वहां भी काम नहीं हो सका। पिछले दिनों पेयजल एवं स्वच्छता अंचल चाईबासा के अधीक्षण अभियंता ने काफी प्रयास के बाद बादुड़ी में योजना के लिए जमीन दिलायी है। सदर अंचलाधिकारी की ओर से उक्त जमीन का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी निर्गत कर दिया गया है। इस आधार पर गुरुवार से बादुड़ी में डब्ल्यूटीपी के निर्माण का कार्य शुरू किया जाना था। इसके लिए संबंधित कंपनी के लोगों के साथ अधीक्षण अभियंता प्रभात कुमार सिंह सुबह करीब 11 बजे बादुड़ी गांव पहुंच गये थे। कार्यस्थल पर जेसीबी समेत अन्य सामान भी मंगवा लिया गया था। काम शुरू होता इससे पहले ही बादुड़ी गांव के 35-40 लोग कार्यस्थल पर पहुंच गये।

उन्होंने विरोध करते हुए जेसीबी को अपने कब्जे में ले लिया। अधीक्षण अभियंता कुछ कहते इससे पहले उनकी गाड़ी को भी घेर लिया और अधीक्षण अभियंता को गाड़ी से बाहर निकालकर हंगामा करने लगे। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि उक्त जगह पर उनका देशाउली अर्थात पूजा स्थल है। वहां पर वो लोग पूजा करते हैं। उन लोगों को जानकारी दिये बिना कैसे ग्रामसभा कर जमीन एजेंसी को दी जा रही है। यहां काम नहीं होने देंगे। माहौल बिगड़ते देख अधीक्षण अभियंता ने उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक को फोन पर सूचना दी। इसके बाद मुफस्सिल थाना व कोकचो थाने की पुलिस घटनास्थल पहुंची। बताया जा रहा है कि पुलिस ने 11 हजार रुपये देकर किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद अधीक्षण अभियंता पुलिस के साथ चाईबासा लौटे।

  • प्रभात कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता अंचल चाईबासा ने बताया कि बादुड़ी में आयता जलापूर्ति योजना के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बैठाना है। इसी काम से गुरुवार को बादुड़ी गये थे। वहां ग्रामीणों ने विरोध करते हुए काम को रुकवा दिया है। उनका कहना है कि पहले पूजा-पाठ किया जायेगा। उसके बाद काम होगा।

 

  • पवन चंद्र पाठक, थाना प्रभारी, मुफस्सिल, चाईबासा ने बताया कि पेयजल विभाग के पदाधिकारी को बंधक नहीं बनाया गया था। ग्रामीण कार्यस्थल पर अपना विरोध जता रहे थे। उन्होंने जेसीबी से काम रुकवा दिया था। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पहुंची थी। माहौल शांत होने के बाद सभी वापस चाईबासा लौट आये। इस संबंध में थाने में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं की गयी है।

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