चाईबासा/सारंडा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच जारी मुठभेड़ अब राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में शामिल हो गई है। दो दिनों तक चले इस बड़े अभियान में अब तक कुल 18 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इनमें कई कुख्यात और इनामी नक्सली शामिल बताए जा रहे हैं।
Saranda Encounter: 1 करोड़ का इनामी नक्सली अनल दा ढेर, सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार मारे गए नक्सलियों में झारखंड और ओडिशा में वांछित शीर्ष नक्सली भी थे, जिन पर करोड़ों रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 100 से अधिक नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड और 2.35 करोड़ रुपये का इनामी नेता पतिराम मांझी उर्फ अनल दा भी शामिल बताया जा रहा है।
चारों ओर से घेराबंदी, 4000 जवानों ने संभाला मोर्चा
यह मुठभेड़ कुमड़ी और सेठे इलाके के आसपास करीब 12 किलोमीटर के दायरे में हुई। कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर के करीब 4000 जवानों ने इलाके को चारों ओर से घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया। जंगल के अंदर नक्सलियों के छिपे होने की सूचना पर सुरक्षा बलों ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की।

आंखों देखी :
जंगल गूंज उठा गोलियों की आवाज से छोटानागरा थाना क्षेत्र से लगभग 20 किलोमीटर अंदर कुहाडीह के होंजिदी टोला के पास सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हुई। सुबह करीब छह बजे से शुरू हुई फायरिंग कई घंटों तक रुक-रुक कर चलती रही। गोलियों की आवाज से पूरा जंगल कांप उठा।
मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा कारणों से पत्रकारों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इलाके के करीब 20 परिवार गोलियों की आवाज से दहशत में अपने घरों में दुबके रहे।

हेलीकॉप्टर, ड्रोन और सैटेलाइट से निगरानी
इस बड़े ऑपरेशन में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। तीन हेलीकॉप्टर, नाइट विजन हाई-रेंज ड्रोन और सैटेलाइट मॉनिटरिंग के जरिए नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर से भी जवाबी फायरिंग की गई।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे मुठभेड़ शुरू हुई थी, जो गुरुवार सुबह पांच बजे के बाद कई घंटों तक चली। दोपहर तीन बजे के बाद नक्सलियों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई।

सबसे बड़ा एनकाउंटर, सर्च ऑपरेशन जारी
कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने बताया कि यह झारखंड में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल विरोधी एनकाउंटर है। मारे गए नक्सलियों के शवों और हथियारों को जंगल से बाहर निकालने की तैयारी की जा रही है। इलाके में अभी भी सघन सर्च ऑपरेशन जारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पूरा क्षेत्र सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।








