खुंटपानी (पश्चिमी सिंहभूम): जिले के खुंटपानी प्रखंड अंतर्गत अंकोलकुटी गांव में सर्पदंश से बच्ची की मौत के करीब तीन साल बाद भी परिजनों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है। इसको लेकर परिवार ने प्रशासन से जल्द सहायता दिलाने की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार,
अंकोलकुटी गांव निवासी स्वर्गीय गीता कुदादा की 9 जुलाई 2023 को सर्पदंश के कारण मौत हो गई थी। घटना के बाद पिता चंद्र मोहन कुदादा ने आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजा राशि के लिए प्रखंड कार्यालय में आवेदन दिया था।

परिजनों का कहना है कि आवेदन के बाद भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में खुंटपानी प्रखंड कार्यालय से अभिलेख संख्या 24, पत्रांक संख्या 531, दिनांक 20 अगस्त 2025 को अनुमंडल पदाधिकारी, सदर चाईबासा को मुआवजा संबंधी फाइल भेजी गई। इसके बावजूद अब तक राशि स्वीकृत नहीं हुई है, जिससे परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहा है।
परिवार ने इस मामले में खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा से संपर्क कर मुआवजा दिलाने की मांग की है। प्रखंड प्रमुख ने त्वरित पहल करते हुए भरोसा दिलाया है कि जिला प्रशासन से बातचीत कर जल्द से जल्द मुआवजा राशि दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील मामला है और प्रभावित परिवार को राहत मिलना जरूरी है। प्रशासनिक स्तर पर बात कर प्रक्रिया को तेज किया जाएगा ताकि पीड़ित परिवार को जल्द सहायता मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि आपदा से जुड़ी घटनाओं में मुआवजा राशि में देरी नहीं होनी चाहिए। इससे गरीब परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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