वैसाखी खालसा सृजना दिवस चाईबासा के अवसर पर गुरुद्वारा नानक दरबार में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सिख संगत ने भाग लिया और गुरबाणी, सेवा तथा लंगर के माध्यम से इस पावन पर्व को मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत दो दिन पूर्व आरंभ किए गए गुरु ग्रंथ साहिब के श्री अखंड पाठ की सम्पूर्णता के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

अखंड पाठ की समाप्ति और निशान साहिब की सेवा
वैसाखी खालसा सृजना दिवस चाईबासा समारोह में अखंड पाठ की समाप्ति के बाद निशान साहिब की सेवा की गई। इस दौरान पुराने चोले को उतारकर निशान साहिब को दूध और पानी से स्नान कराया गया और नया चोला पहनाया गया।
इसके उपरांत ग्रंथी जी द्वारा अरदास की गई और संगत के बीच प्रसाद वितरित किया गया। यह धार्मिक प्रक्रिया श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र रही।
गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना
इस अवसर पर सिख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह के ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया। वर्ष 1699 में वैसाखी के दिन उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की थी, जिसने सिख धर्म को एक नई पहचान दी।
उन्होंने सिखों को पाँच ककार—केश, कंघा, कच्छा, कड़ा और कृपाण—धारण करने का संदेश दिया, जो आज भी खालसा पंथ की पहचान हैं। यह दिन सिख समुदाय के लिए अत्यंत पवित्र और गौरवपूर्ण माना जाता है।

कीर्तन और गुरबाणी से गूंजा गुरुद्वारा
वैसाखी खालसा सृजना दिवस चाईबासा कार्यक्रम में ग्रंथी हरभजन सिंह ने मधुर स्वर में गुरबाणी का कीर्तन प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया।
इसके अलावा छोटे बच्चों, बच्चियों और स्त्री सत्संग सभा के सदस्यों ने भी कीर्तन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। ग्रंथी राजबीर सिंह ने भी अपने कीर्तन से संगत को भावविभोर कर दिया।
संगत के लिए प्रसाद और लंगर का आयोजन
कार्यक्रम के अंत में अरदास की गई और सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही गुरु का लंगर भी आयोजित किया गया, जिसमें सभी लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया।
वैसाखी खालसा सृजना दिवस चाईबासा के इस आयोजन में चाईबासा, झींकपानी, खरसावां और केशरगढ़िया से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
रात्रि में होगा विशेष कीर्तन और आतिशबाजी
कार्यक्रम के तहत रात्रि में स्त्री सत्संग सभा द्वारा विशेष शब्द कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही युवा खालसा द्वारा आतिशबाजी भी की जाएगी, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल और भी बढ़ जाएगा।
समाज के लिए सेवा और भक्ति का संदेश
वैसाखी खालसा सृजना दिवस चाईबासा के अवसर पर श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने सभी को वैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन को सार्थक बनाने के लिए वाहेगुरु की अराधना और निस्वार्थ सेवा का मार्ग अपनाना चाहिए।
उन्होंने गुरु वाणी के संदेश—
“मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा”—
को जीवन में उतारने की अपील की।








