Saraikela Elephant Attack: सरायकेला में जंगली हाथियों का तांडव, घर में सो रहे परिवार पर हमला; दो की मौत, दो लोग गंभीर रूप से घायल, इलाके में दहशत का माहौल

जंगली हाथी का हमला

सरायकेला– सरायकेला-खरसावां जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां जंगली हाथियों के एक झुंड ने भारी उत्पात मचाते हुए एक ही परिवार के दो सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया। यह घटना ईचागढ़ थाना क्षेत्र के सोड़ो पंचायत अंतर्गत हाड़ात गांव की है, जहां बीती रात हाथियों ने अचानक हमला बोल दिया।

जंगली हाथियों का झुंड जमकर मचाया उत्पात, लंकेश्वर ने की ग्रामीणों की आर्थिक मदद

​अचानक हमले से नहीं मिला संभलने का मौका

जानकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड देर रात गांव में दाखिल हुआ। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते या खुद को बचाने का प्रयास करते, हाथियों ने घरों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। इस दौरान एक मकान में मौजूद पांच लोग मलबे और हाथियों के हमले की चपेट में आ गए। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हुए, लेकिन हाथियों के उग्र तेवर देख कोई पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

​माँ- बेटी की मौत

घटना के संबंध में जानकारी देते हुए ईचागढ़ थाना प्रभारी बजरंग कुमार महतो ने बताया कि इस भीषण हमले में
कमलचंद महतो की पत्नी चाइना देवी और 13 वर्षीय अमिता बाला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, परिवार के दो अन्य सदस्य—कमलचंद महतो के पिता मोहन महतो और माँ सतुला देवी—गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।


प्रशासन के प्रति आक्रोश और मुआवजे की मांग

घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गहरा रोष है। ग्रामीणों के सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, और जांच में जुड़ गई है वर्तमान में पूरा गांव दहशत के साये में है और लोग अपनी सुरक्षा के लिए गुहार लगा रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार से मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और क्षेत्र में हाथियों के प्रवेश को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

http://जंगली हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों के घरों को किया क्षतिग्रस्त, की मुआवजा की मांग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Adityapur News: आदित्यपुर नगर निगम प्रशासनिक भवन निर्माण का विरोध, पार्षद ने विरोधियों को बताया ‘विकास विरोधी’ और ‘अतिक्रमणकारी’ ​, वार्ड 30 में भवन निर्माण के खिलाफ दूसरे वार्ड के प्रतिनिधियों ने मोर्चा खोला