किरीबुरू/गुवा : पश्चिमी सिंहभूम के किरीबुरू शहरी क्षेत्र में एक जंगली हाथी की मौजूदगी से लोगों में दहशत का माहौल है। किरीबुरू-हिलटॉप मुख्य मार्ग पर पुराने मैगजीन घर के समीप जंगल में हाथी के डेरा डालने की सूचना के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से घने जंगल की ओर वापस भेजा जा सके।
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जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात करीब 11 बजे हाथी अचानक सड़क पार करते हुए सेल की मेघाहातुबुरु खदान के मैकेनिकल शॉवेल सेक्शन में पहुंच गया। हाथी को देखते ही वहां ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। सभी कर्मी अपनी सुरक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों पर चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाथी कुछ देर तक खदान क्षेत्र में घूमता रहा और फिर जंगल की ओर लौट गया।
मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे स्थानीय लोगों ने पुराने मैगजीन घर के पास उसी हाथी को फिर देखा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके की निगरानी शुरू कर दी।
वन विभाग के कर्मचारी शंकर पांडेय ने बताया कि हाथी की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए ड्रोन ऑपरेटर को बुलाया गया है। ड्रोन के माध्यम से हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि बिना किसी नुकसान के उसे जंगल की ओर वापस भेजा जा सके।
वन विभाग ने स्थानीय लोगों, सेल कर्मियों और राहगीरों से अपील की है कि वे हाथी के नजदीक न जाएं और न ही उसे किसी प्रकार से उकसाने या भगाने का प्रयास करें। ऐसा करने से हाथी आक्रामक हो सकता है और किसी अप्रिय घटना की आशंका बढ़ सकती है।
गौरतलब है कि सारंडा के जंगलों से हाथियों का किरीबुरू, मेघाहातुबुरु और आसपास के रिहायशी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचना हाल के वर्षों में लगातार बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में मानवीय हस्तक्षेप, भोजन और पानी की कमी के कारण हाथियों का आबादी वाले इलाकों की ओर रुख बढ़ रहा है। ऐसे में वन विभाग लोगों से सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है।








