चाईबासा। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में नक्सलवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और पशु तस्करी जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए गुरुवार को पश्चिमी सिंहभूम पुलिस अधीक्षक कार्यालय, चाईबासा स्थित सभागार में इंटर स्टेट बोर्ड (Inter State Board) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक सिंहभूम (कोल्हान) क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अनुरंजन किस्पोट्टा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई।

बैठक में झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों के पुलिस उपमहानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
बैठक में पश्चिमी जोन, राउरकेला (ओडिशा) के डीआईजी ब्रजेश कुमार राय, बांकुड़ा रेंज (पश्चिम बंगाल) के डीआईजी अभिषेक मोदी, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतिशाम वकारिब, पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु, सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज कुमार स्वर्गियारी, जमशेदपुर (ग्रामीण) के एसपी शुभम कुमार खंडेलवाल, जमशेदपुर (नगर) के एसपी ललित मीणा, मयूरभंज के एसपी वरुण गुंटुपल्ली, राउरकेला के एसपी नीतेश वाधवानी, सुंदरगढ़ की एसपी अनुपमपाल कौर, झारग्राम के एसपी सन्नी कुमार राज, पुरुलिया के एसपी मानव सिंघला, खूंटी के अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) क्रिस्टोफर केरकेट्टा तथा सिमडेगा मुख्यालय के पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

नक्सल गतिविधियों पर हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नक्सली संगठनों की गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने नक्सलियों की वर्तमान गतिविधियों, संभावित मूवमेंट तथा उनके खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी साझा की। साथ ही भविष्य में संयुक्त रूप से समन्वित अभियान चलाकर नक्सल नेटवर्क को और कमजोर करने की रणनीति पर सहमति बनी।
ड्रग्स और पशु तस्करी पर साझा कार्रवाई का निर्णय
बैठक में मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी, पशु तस्करी और अन्य अंतरराज्यीय संगठित अपराधों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने ऐसे अपराधों में शामिल सक्रिय गिरोहों के खिलाफ तीनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा खुफिया सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई और नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने पर भी सहमति बनी।
सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा होगी और मजबूत
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सीमावर्ती जिलों में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राज्यों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। संयुक्त रणनीति के माध्यम से नक्सलवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, पशु तस्करी और अन्य संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने का लक्ष्य तय किया गया।








