सरायकेला: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर के बीटेक चौथे वर्ष (मेटलर्जी) कोलकाता निवासी छात्र तनवीर के असंगी चेक डैम (खरकई नदी) में डूबने की दुखद घटना के बाद संस्थान परिसर में भारी जनआक्रोश फूट पड़ा है।
रविवार शाम से उग्र सैकड़ों छात्रों ने संस्थान के मुख्य प्रशासनिक भवन के समक्ष मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया है और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

वीडियो बयान में चौथे वर्ष (इलेक्ट्रिकल) के छात्र दीप रंजन ने आंदोलनरत छात्रों की ओर से 4 प्रमुख मांगें रखी हैं:
* 1. तत्काल रेस्क्यू: नदी में डूबे छात्र के शरीर को शीघ्र अति शीघ्र ढूंढकर बाहर निकाला जाए।
* 2. ₹1 करोड़ का मुआवजा: एनआईटी प्रबंधन पीड़ित परिवार को अविलंब ₹1 करोड़ का वित्तीय मुआवजा प्रदान करे।
* 3. जवाबदेही व इस्तीफा: तीन-तीन महत्वपूर्ण पद संभाल रहे अधिकारी सरोज कुमार सरंगी की घोर लापरवाही तय करते हुए उनसे इस्तीफा लिया जाए।
* 4. स्थायी सुरक्षा व्यवस्था: दुर्घटनास्थल (असंगी घाट) पर तुरंत लोहे का गेट लगाया जाए और 24 घंटे सुरक्षा के लिए 4 गार्ड तैनात किए जाएं।
छात्रों का गंभीर आरोप है कि दोपहर 3 बजे हादसे की सूचना दिए जाने के बावजूद कॉलेज प्रशासन बिना किसी प्राथमिक बचाव सामग्री (जैसे रस्सी तक) के मौके पर पहुंचा, जिससे समय रहते छात्र को बचाया नहीं जा सका।
डिप्टी डायरेक्टर ने दी सफ़ाई
दूसरी ओर, आरोपों पर सफाई देते हुए एनआईटी के डिप्टी डायरेक्टर आर. डी. शर्मा ने कहा यह बेहद दुखद घटना है। दोपहर लगभग 3:30 बजे सूचना मिलते ही चीफ वार्डन, डीन एसडब्ल्यू और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस व एनडीआरएफ (NDRF) की टीम से संपर्क कर रेस्क्यू कार्य तेज कर दिया गया है। चूंकि कैंपस ओपन है और नदी का मार्ग आम रास्ता है, इसलिए इसे पूरी तरह बंद करना व्यावहारिक रूप से कठिन है; हालांकि, संस्थान ने जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगा रखे हैं और छात्रों को लगातार सचेत किया जाता है।”
वर्तमान में स्थानीय आरआईटी थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर डटी हुई है और आक्रोशित छात्रों को शांत कराने के साथ-साथ राहत व बचाव कार्य पर पैनी नजर बनाए हुए है।








