चाईबासा। तांबो चौक से डीसी कार्यालय तक बाइपास सड़क किनारे सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए सदर अंचलाधिकारी की ओर से जारी नोटिस को लेकर आदिवासी स्वशासन एकता मंच ने सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर बुधवार को तांबो में मंच की बैठक अध्यक्ष कुसुम केराई की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में कुसुम केराई ने कहा कि तांबो चौक से डीसी कार्यालय तक सड़क किनारे दुकान, होटल और अन्य कारोबार संचालित करने वाले लोगों को सरकारी जमीन खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का सिद्धांत गलत नहीं है, लेकिन लगातार बारिश के बीच वर्षों से कारोबार कर रहे लोगों को अचानक नोटिस देकर हटाना मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं है।
चाईबासा: तांबो चौक से डीसी ऑफिस तक अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त, 24 घंटे में हटाने का नोटिस
कुसुम केराई ने आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाई भेदभावपूर्ण प्रतीत हो रही है। उन्होंने कहा कि चाईबासा शहर के कई अन्य हिस्सों में भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण मौजूद है। यदि अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है, तो इसे शहर के सभी क्षेत्रों में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। केवल तांबो चौक क्षेत्र के दुकानदारों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अतिक्रमण हटाने से पहले प्रभावित दुकानदारों को पर्याप्त समय दिया जाए। साथ ही, जिन परिवारों की आजीविका इन दुकानों से जुड़ी है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास पर भी विचार किया जाए। अचानक दुकानें हटने से कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो सकता है।
बैठक में मंच के अध्यक्ष कुसुम केराई के अलावा हरीश बोदरा, सनातन बिरुवा, गोपाल बोदरा समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।








