Ranchi (रांची) : झारखंड में पिछले कई दिनों से ई-स्टांप पेपर की सेवा बाधित रहने से पूरे राज्य में आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। ई-स्टांप नहीं मिलने के कारण जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेज, शपथ पत्र, एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी, बैंकिंग और विभिन्न कानूनी एवं सरकारी प्रक्रियाओं से संबंधित काम प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जरूरी दस्तावेज तैयार कराने के लिए वे स्टांप पेपर की व्यवस्था पर निर्भर हैं, लेकिन सेवा ठप होने से कई काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
ई-स्टांप व्यवस्था का उद्देश्य स्टांप पेपर की उपलब्धता को आसान और पारदर्शी बनाना है। लेकिन लगातार सेवा प्रभावित रहने से अब यही व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गयी है। कई नागरिकों को जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए निर्धारित तारीखों का इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ मामलों में समय पर दस्तावेज तैयार नहीं होने से दूसरे संबंधित काम भी अटक रहे हैं।
जमीन और संपत्ति से जुड़े काम सबसे ज्यादा प्रभावित
ई-स्टांप पेपर उपलब्ध नहीं होने का सीधा असर जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों पर पड़ रहा है। जमीन की खरीद-बिक्री, किरायानामा, एग्रीमेंट, बंटवारा, शपथ पत्र और अन्य दस्तावेजी प्रक्रियाओं में स्टांप शुल्क का भुगतान आवश्यक होता है। ई-स्टांप नहीं मिलने के कारण दस्तावेज तैयार कराने वाले लोगों को बार-बार संबंधित केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
इसके अलावा बैंक, बीमा, न्यायालय, सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में जमा किए जाने वाले कई प्रकार के दस्तावेजों के लिए भी स्टांप पेपर की आवश्यकता पड़ती है। सेवा बाधित होने से इन कामों में देरी हो रही है। अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों और आम नागरिकों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
सरकार को भी हो रहा राजस्व का नुकसान
ई-स्टांप के माध्यम से होने वाला स्टांप शुल्क सीधे राज्य सरकार के राजस्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब ई-स्टांप जारी नहीं हो रहा है और लोग स्टांप शुल्क जमा नहीं कर पा रहे हैं, तो संबंधित अवधि में सरकार को मिलने वाला राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। जमीन और अन्य संपत्ति संबंधी लेन-देन तथा विभिन्न कानूनी दस्तावेजों के लिए लगने वाले स्टांप शुल्क से सरकार को नियमित आय होती है। ऐसे में सेवा बाधित रहने पर प्रतिदिन होने वाले संभावित राजस्व नुकसान का असर लंबे समय में काफी बड़ा हो सकता है।
लोगों का आरोप है कि एक ओर सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजस्व से सीधे जुड़ी महत्वपूर्ण सेवा कई दिनों से प्रभावित है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान करने की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नजर नहीं आ रही है।
जल्द सेवा बहाल करने की मांग
पूरे झारखंड से लोग ई-स्टांप सेवा को जल्द से जल्द बहाल करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से यदि सेवा बाधित हुई है तो सरकार को इसकी स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए।
नागरिकों ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि ई-स्टांप व्यवस्था को तत्काल सुचारु किया जाए, लंबित दस्तावेजी कार्यों के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर वैकल्पिक प्रणाली तैयार रखी जाए। लोगों का कहना है कि ई-स्टांप केवल एक कागजी दस्तावेज नहीं, बल्कि जमीन, संपत्ति, कानूनी और कई सरकारी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसलिए इसके लगातार बाधित रहने से आम जनता के साथ-साथ राज्य के राजस्व पर पड़ रहे असर को भी सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।








