सरायकेला । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को जिला प्रशासन की ओर से नगर के टाउन हॉल में ‘झारखंड आदिवासी महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। इस महोत्सव में आदिवासी संस्कृति, समृद्ध परंपरा और लोक कला की असीम विविधता देखने को मिली।
विभिन्न जनजातीय समुदायों के कलाकारों ने मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों में सरोबार कर दिया।
चाईबासा में भव्य होगा विश्व आदिवासी दिवस समारोह, 25 हजार से अधिक लोगों के जुटने की संभावना

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी और उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, आईटीडीए निदेशक उषा मुंडू, अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश तथा खूंटी सांसद के प्रतिनिधि राज बागची समेत कई वरिष्ठ अधिकारी व अतिथि उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान झारखंड आंदोलनकारियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के 57 रिक्त पदों पर नवचयनित अभ्यर्थियों के बीच नियुक्ति पत्रों का वितरण भी किया गया।
युवा अपनी जड़ों को पहचानें: सांसद जोबा मांझी
संबोधन के दौरान सांसद जोबा मांझी ने कहा कि आदिवासी समुदाय सदियों से प्रकृति का रक्षक रहा है। आज के आधुनिक युग में युवाओं का अपनी संस्कृति से दूर होना चिंताजनक है, इसलिए युवा पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों और विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी लेनी होगी।
32 जनजातियों की विविधता हमारी पहचान: उपायुक्त
उपायुक्त नितेश कुमार सिंह ने कहा कि राज्य की 32 जनजातियों की अपनी विशिष्ट वेशभूषा और जीवनशैली है। आदिवासी समाज की प्रकृति पूजा और परंपराएं आज पूरे विश्व को पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देती हैं।








