चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर अस्पताल, चाईबासा में ब्लड उपलब्ध कराने के नाम पर ग्रामीणों से ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व खुद को अस्पताल का कर्मचारी बताकर जरूरतमंद मरीजों के परिजनों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। ताजा मामले में एक ग्रामीण से ₹4,700 की ठगी का आरोप लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, खुंटपानी प्रखंड के बुधराम गोप अपने परिजन के लिए ब्लड की व्यवस्था कराने सदर अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने खुद को अस्पताल से जुड़ा बताते हुए ब्लड उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे ₹4,700 ले लिए। आरोप है कि पैसे लेने के बाद वह व्यक्ति मौके से फरार हो गया।
बताया गया कि रविवार को वही व्यक्ति फिर अस्पताल परिसर में किसी अन्य जरूरतमंद को अपने झांसे में लेने पहुंचा। इस दौरान बुधराम गोप ने उसे पहचान लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन समिति के सुरक्षा कर्मियों की मदद से संदिग्ध को पकड़ लिया और सदर थाना चाईबासा के हवाले कर दिया। पीड़ित ने पुलिस से अपनी राशि वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पूछताछ के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम संजय सोलंकी बताया, जबकि उसने अपने एक सहयोगी का नाम प्रिंस तिग्गा बताया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
घटना की जानकारी मिलने पर समाजसेवी एवं खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा भी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और सिविल सर्जन से अस्पताल परिसर में सक्रिय ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग आपात स्थिति में ब्लड की जरूरत के कारण ठगों के झांसे में आ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था के तहत ब्लड निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन कुछ लोग इसका गलत फायदा उठाकर जरूरतमंदों से अवैध वसूली कर रहे हैं। इससे न केवल गरीब मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है, बल्कि सदर अस्पताल की छवि भी प्रभावित हो रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।







