सरायकेला-खरसावां। जमशेदपुर की प्रतिष्ठित कला एवं सांस्कृतिक संस्था ‘कलामंदिर’ के प्रतिनिधि संतोष कुमार एवं राजाराम प्रधान ने शनिवार को सरायकेला स्थित ‘रजतेंदु कला निकेतन’ का दौरा किया। इस दौरान सरायकेला राजमहल परिसर में संस्था प्रमुख रजतेंदु रथ के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय कलाकारों की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
कलाकारों की स्थिति और सरकारी योजनाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय कलाकारों की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों का गहन मूल्यांकन किया। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनकी पहुंच, लाभ और प्रभावशीलता पर विचार-विमर्श किया गया। कलाकारों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा उन्हें इनका अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
स्थानीय कलाकारों की समस्याएं सामने आईं
इस अवसर पर रजतेंदु रथ ने अपने दल के कलाकारों का परिचय कराया। बैठक में उपस्थित कलाकारों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ तक उनकी पहुंच अभी भी सीमित है। उन्होंने प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग और नियमित मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
रोजगार से जोड़ना ही स्थायी समाधान
बैठक में यह बात प्रमुख रूप से उभरकर सामने आई कि कला और कलाकारों के संरक्षण के लिए उन्हें रोजगार से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। संस्था के सदस्य राजाराम प्रधान ने कहा कि ‘कलामंदिर’ राज्य सरकार और कलाकारों के बीच सेतु का कार्य करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कलाकारों को रोजगारपरक योजनाओं से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने और उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर ठोस पहल की जाएगी।
सकारात्मक पहल की ओर एक मजबूत कदम
कार्यक्रम को कला संरक्षण और कलाकारों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह प्रयास न केवल स्थानीय कलाकारों को नई दिशा देगा, बल्कि उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।








