Saraikela (सरायकेला ) : कांड़ा स्थित एसकेजी मैदान में रावण दहन कार्यक्रम धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। रावण दहन के साथ लोगों ने असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद रावण दहन किया गया। मैदान में मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ इस परंपरा का आनंद लिया। आतिशबाजी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही, जबकि कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झामुमो के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के ने कहा कि रावण दहन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है। भारतीय संस्कृति की धार्मिक परंपराएं लोगों को सही मार्ग पर चलने और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश देती हैं।
उन्होंने कहा कि रावण के पुतले का दहन करने के साथ प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद अहंकार, अन्याय और दुर्व्यवहार जैसी बुराइयों को भी समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरों के साथ गलत व्यवहार करने वाले व्यक्ति को समाज में सम्मान नहीं मिलता। इसलिए सभी लोगों को आपसी सद्भाव, अच्छे आचरण और सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीना चाहिए।
रावण दहन देखने के लिए एसकेजी मैदान में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
इस अवसर पर सिंह मुंडा, सुधीर चंद्र महतो, समिति अध्यक्ष लाल बाबू महतो, सचिव राम महतो, पूर्व प्रखंड प्रमुख राम दास टुडू, कांड़ा की मुखिया शंकरी सिंह सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।









