सरायकेला। महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर चांडिल नौका विहार परिसर में चांडिल डैम विस्थापितों की दशकों पुरानी भूमि एवं पुनर्वास समस्याओं के समाधान के लिए एक दिवसीय उपवास रखा गया।
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यह कार्यक्रम विस्थापित मुक्ति वाहिनी एवं विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सत्य, अहिंसा और शांति के मार्ग पर चलकर न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया।
विस्थापित प्रतिनिधियों ने बताया कि चांडिल प्रखंड की रूदिया पंचायत अंतर्गत काटिया पुनर्वास स्थल पर विस्थापित परिवारों को तालाब में नहाने, रास्ते से आवागमन, मवेशी चराने और खुले मैदान के उपयोग से कथित रूप से रोका जा रहा है। साथ ही उनके प्लॉट में लगे पेड़ काटने की घटनाएं भी हुई हैं।
इस संबंध में संगठनों ने चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), एसडीपीओ और स्थानीय थाना को ज्ञापन सौंपकर स्थल निरीक्षण व सुरक्षा की मांग की है। संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि 6 अक्टूबर 2026 तक विवाद का समाधान नहीं हुआ, तो 7 अक्टूबर को पुनर्वास कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।
उपस्थिति:
उपवास में नारायण गोप, राकेश रंजन महतो, अंबिका यादव, श्यामल मार्डी, आक्लू धीवर, कार्तिक महतो, डमन बास्के, जगन्नाथ किस्कू, बिरबल प्रमाणिक, लखन माझी, सूरज मुर्मू, देवेन महतो, विजय टुडू, ठाकुरदास गोप, ईश्वर गोप, भागीरथ लायक, राजीव महतो, वैधनाथ महतो, उपवन गोप, बुधेश्वर टुडु, पशुपति सिंह सरदार, घनश्याम, चौका के मुखिया कुनाराम माझी तथा कुनाराम सोरेन (मास्टर) उपस्थित रहे।







