चाईबासा: चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 05 में डीएमएफटी मद से लगाई जा रही हाई मास्ट लाइट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वर्तमान पार्षद अनुराधा कुमारी द्वारा उठाई गई आपत्ति का अब वार्ड के पूर्व पार्षद विप्लव सिंह ने भी समर्थन किया है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यकता के अनुसार संसाधनों के उपयोग की मांग की है।
पूर्व पार्षद विप्लव सिंह ने जारी बयान में कहा कि जिस स्थान पर नई हाई मास्ट लाइट लगाई जा रही है, वहां से करीब 15 मीटर की दूरी पर पहले से ही एक हाई मास्ट लाइट कार्यरत है। ऐसे में उसी क्षेत्र में दूसरी हाई मास्ट लाइट स्थापित करना विकास की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उनका कहना है कि वार्ड के कई स्थान आज भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था से वंचित हैं, इसलिए संसाधनों का उपयोग पहले उन क्षेत्रों में किया जाना चाहिए जहां इसकी वास्तविक आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि डीएमएफटी की राशि का उपयोग आवश्यकता के बजाय मनमाने तरीके से किया जा रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लिया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है।
विप्लव सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की कि हाई मास्ट लाइट स्थापना कार्य की तत्काल वस्तुस्थिति की जांच कराई जाए। यदि अनियमितता सामने आती है तो लाइट को ऐसे स्थान पर स्थापित किया जाए, जहां आम लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि विकास का सही अर्थ तभी है, जब सरकारी संसाधनों का समान और जरूरत आधारित उपयोग हो तथा डीएमएफटी जैसी जनकल्याणकारी निधि का पारदर्शी तरीके से सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए।
गौरतलब है कि इससे पहले वार्ड पार्षद अनुराधा कुमारी ने भी उपायुक्त को आवेदन देकर हाई मास्ट लाइट स्थापना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच और कार्य पर रोक लगाने की मांग की थी। अब पूर्व पार्षद के समर्थन के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है।








