Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में सिंहभूम सांसद जोबा माझी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित हुई। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का पारंपरिक तरीके से शॉल, पौधा और वेजिटेबल बास्केट देकर स्वागत किया गया।

DISHA MEETING IN CHAIBASA : दिशा की हुई बैठक, जनकल्याणकारी योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति, लंबित योजनाओं, बुनियादी सुविधाओं और जन समस्याओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

कौशल विकास, पेयजल और सड़क योजनाओं पर जोर
बैठक के दौरान जिला अंतर्गत संचालित कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। कल्याण विभाग को सामुदायिक वन पट्टा वितरण, एकलव्य विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था और प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम योजना के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
वन विभाग को एलीफेंट अलर्ट सिस्टम और हाईमास्ट लाइट लगाने, जबकि ग्रामीण विकास विभाग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया।
गर्मी को देखते हुए जिले में चापाकलों की मरम्मत, जलमीनारों का संचालन और बंद ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को चालू करने के निर्देश दिए गए। चक्रधरपुर और जगन्नाथपुर की जर्जर पानी टंकियों के सुरक्षित निष्पादन पर भी चर्चा हुई।

स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य निरीक्षण, तांतनगर में बने फार्मेसिस्ट कॉलेज के संचालन, मोबाइल कनेक्टिविटी, भूमिहीन परिवारों को दो-दो डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने और पशुपालन योजनाओं की समीक्षा की गई।
जिले में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नए बिजली पोल लगाने को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने दी योजनाओं की जानकारी
उपायुक्त मनीष कुमार ने बताया कि आपदा से जुड़े लंबित मुआवजा मामलों के निष्पादन की कार्रवाई जारी है। आंधी-तूफान और बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने, सर्पदंश के मामलों में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटीवेनम उपलब्ध कराने और राजस्व शिविरों के आयोजन को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जैक बोर्ड परीक्षा परिणाम में जिले की रैंकिंग में सुधार हुआ है। साथ ही ब्लड बैंक लाइसेंस, होमगार्ड प्रशिक्षण और पोस्टमार्टम हाउस में फ्रीजर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
परिसंपत्तियों और सम्मान का वितरण
बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच डमी चेक, प्रेशर कुकर, साइकिल, सामुदायिक वन पट्टा, खेल किट, मत्स्य विपणन किट और कृषि यंत्र वितरित किए गए। जैक बोर्ड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
इसके अलावा टीबी रोगियों को पोषक आहार, एचपीवी वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र और विभिन्न योजनाओं से संबंधित लाभ भी प्रदान किए गए।
जागरूकता रथों को दिखाई गई हरी झंडी
बैठक के बाद पोषण, जनगणना, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, टीबी मुक्त भारत, एचपीवी वैक्सीनेशन, रक्तदान और पेयजल जागरूकता से जुड़े रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। समाहरणालय परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण भी अतिथियों ने किया।
बैठक में कालीचरण मुंडा, निरल पुरती, सुखराम उरांव, सोनाराम सिंकु, जगत माझी समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।








