Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले की सीमा पर स्थित कुजू नदी में बालू के अवैध उठाव का मामला एक बार फिर सामने आया है। एनजीटी की रोक और प्रशासनिक स्तर पर सख्त निर्देश के बावजूद शनिवार और रविवार को नदी से बड़े पैमाने पर बालू निकाले जाने की सूचना है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों दिनों में करीब 15 से 20 ट्रैक्टर नदी के अंदर तक पहुंचकर बालू लोड करते नजर आए।
बताया जाता है कि शनिवार को बालू उठाव को लेकर नदी क्षेत्र में दो पक्षों के बीच विवाद भी हुआ। काफी देर तक दोनों गुटों के बीच कहासुनी और झगड़े की स्थिति बनी रही। इस घटनाक्रम के बावजूद संबंधित खनन विभाग के अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। रविवार को भी सुबह से शाम तक नदी से बालू उठाने का सिलसिला जारी रहने की बात सामने आई।
कुजू नदी से बालू लेकर ट्रैक्टरों के मुख्य सड़क की ओर निकलने वाले रास्ते पर पुलिस बल की मौजूदगी भी बताई जा रही है। इसके बावजूद नदी के भीतर लगातार हो रहे बालू उठाव को लेकर निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नदी क्षेत्र में नियमित रूप से कार्रवाई और निगरानी हो तो इस तरह खुलेआम बालू उठाव को रोका जा सकता है।
रविवार शाम मामले की सूचना मिलने के बाद मुफस्सिल थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही बालू उठाव में शामिल लोग और वाहन वहां से हट चुके थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन की टास्क फोर्स बैठकों में एनजीटी के आदेशों को ध्यान में रखते हुए अवैध बालू उठाव पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद सीमावर्ती क्षेत्र में बालू उठाव जारी रहने से प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।







