जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही स्वीकार की है। मंगलवार को जोनल आईजी मनोज कौशिक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय के साथ समीक्षा बैठक कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
जांच के बाद आईजी ने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई की होती तो इस वारदात को रोका जा सकता था। इसी आधार पर बिष्टुपुर थाना प्रभारी, दो एएसआई और एक जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, हिमांशु सिंह के परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। पिता अरविंद सिंह का कहना है कि जब तक उनके बेटे के हत्यारों का एनकाउंटर नहीं होता, तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। परिवार ने हिमांशु की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही यह हत्या हुई और दोषी पुलिसकर्मियों पर भी हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
करणी सेना के पदाधिकारियों ने भी पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
मामले में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पहले गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के बाद देर रात दो और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर दीवार फांदकर फरार होने में सफल रहा। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि शनिवार देर रात डबल डाउन बार में छेड़खानी को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। बार के भीतर मारपीट के बाद दोनों पक्षों को बाहर निकाल दिया गया, जहां पुलिस की मौजूदगी में चाकूबाजी हुई। इस हमले में हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हुए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि प्रत्यूष नामक युवक अब भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।







