चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र से जुड़े अवैध हथियार और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) से संबंध रखने के मामले में न्यायालय ने आरोपी रिंकु साहू को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला पुलिस की वैज्ञानिक अनुसंधान प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया।
चाईबासा अवैध हथियार मामला: आरोपी को अलग-अलग धाराओं में 17 साल की सजा
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आनंदपुर थाना कांड संख्या-10/2024 दिनांक 7 जुलाई 2024 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 329(4), 351(2) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)ए एवं 26 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आनंदपुर बस्ती निवासी रिंकु साहू, पिता दुर्गोधन साहू, पर अवैध देशी कट्टा रखने और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के लिए काम करने का आरोप लगाया गया था।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जांच टीम ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संकलित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिन्हें न्यायालय ने स्वीकार किया।
जीआर संख्या-222/2024 की सुनवाई पूरी होने के बाद 30 जून 2026 को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, चक्रधरपुर की अदालत ने आरोपी रिंकु साहू को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)ए के तहत दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में उग्रवादी गतिविधियों और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में साक्ष्य आधारित जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाने की कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।







